IPL Auction 2019 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास में सबसे बड़ी बोली पाने वाले हरफनमौला भारतीय खिलाड़ी युवराज सिंह की साख मंगलवार को जयपुर में होने वाली नीलामी में दांव पर लगी होगी. इस साल होने वाले वाले विश्व कप के मद्देनजर फ्रेचाइजी की नजरें विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी पर हैं.
युवराज जब लय में थे, तब उनके लिए 16 करोड़ रुपये की बोली लगी थी, लेकिन पिछले सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें और क्रिस गेल को आधार कीमत दो करोड़ रुपये की कीमत के साथ टीम से जोड़ा था. गेल ने अपने प्रदर्शन से टीम विश्वास जीता, तो वहीं युवराज आठ मैचों में सिर्फ 65 रन बना सके. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि टीम ने उन्हें रिलीज करने का फैसला किया.
भारत के लिए जून 2017 में अंतिम बार खेलने वाले 37 साल के खिलाड़ी ने खुद को एक करोड़ रुपये के आधार मूल्य की सूची में रखा है. इस सूची में ऋद्धिमान साहा, मोहम्मद शमी और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं.
नए शहर में नीलामी होने के साथ ही इस बार इसमें नए संचालक दिखेंगे. आईपीएल नीलामी में नियमित रूप से संचालन करने वाले रिचर्ड मेडले इस बार नीलामी का हिस्सा नहीं होंगे और नीलामी के संचालन की जिम्मेदारी ह्यू एडमिडेस को सौंपी गई है. एडमिडेस को नीलामी कंपनी क्रिस्टी में 30 साल से अधिक का अनुभव है.
दिलचस्प बात यह है कि 346 क्रिकेटरों के पूल में अधिकतम आधार मूल्य दो करोड़ रुपये की की सूची में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है, इस आधार कीमत की सूची में शामिल नौ खिलाड़ियों में ब्रेंडन मैक्कुलम, क्रिस वोक्स, लसिथ मलिंगा, शॉन मार्श, सैम कुरेन, कोलिन इनग्राम, कोरी एंडरसन, एंजेलो मैथ्यूज और डार्सी शॉर्ट जैसे नाम हैं.
इस नीलामी में कुल 70 खिलाड़ियों को खरीदा जा सकता है, जिसमें से विदेशी खिलाड़ियों के लिए 20 जगह है. भारतीय टेस्ट टीम के नियमित सदस्य चेतेश्वर पुजारा और ईशांत शर्मा को क्रमश: 50 और 75 लाख रुपये की सूची में रखा है.
आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक 2018' का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई. '2019 का रोड मैप' सेशन का संचालन रोहित सरदाना ने किया. इस सत्र में नितिन गडकरी ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी खुल कर बात की.
नितिन गडकरी ने कहा कि अयोध्या का मुद्दा धर्म का नहीं है, ये जनभावनाओं से जुड़ा है. अगर राम के जन्मस्थान पर मंदिर नहीं बनेगा तो किधर बनेगा. ये भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में पहले भी था और आज भी है. उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन अभी भी आपसी बातचीत से मुद्दा सुलझ सकता है.
पूर्व बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमने जो पालमपुर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वादा किया था उसी पर आज ही कायम हैं. लेकिन हम कोर्ट में हैं. गडकरी ने कहा कि राम मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं. पहला सुप्रीम कोर्ट के फैसले से, दूसरा आपसी बातचीत से और तीसरा संसद में कानून लाने से.
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