Tuesday, February 26, 2019

उमेश के आखिरी ओवर पर बुमराह ने क्या कहा?

रविवार की शाम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विशाखापट्टनम में एक बेहद रोमांचक टी20 मुक़ाबला खेला गया.

दो मैचों की सिरीज़ के इस पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी गेंद पर विजयी रन बनाकर तीन विकेट से जीत अपनी झोली में डाली.

लेकिन अंतिम दो ओवरों में इस मैच ने इतनी बार अपना पाला बदला की स्टेडियम में बैठे तमाम दर्शक अंत तक अपनी कुर्सियों से चिपके रहे

आखिरी दो ओवरों की कहानी
विशाखापट्टनम की धीमी पिच पर भारत की ओर से मिले 127 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े आराम से जीत की तरफ बढ़ती जा रही थी.

अंतिम दो ओवरों में ऑस्ट्रेलिया को महज़ 16 रन चाहिए थे और उसके पांच बल्लेबाज़ बाकी थे.

मैच का 19वां ओवर डालने आए दुनिया के सबसे बेहतरीन टी20 गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह.

बुमराह ने अपने नाम के मुताबिक गेंदबाज़ी की और सटीक यॉर्कर डालकर कंगारू बल्लेबाज़ों में महज दो रन बनाने दिए. इसके साथ ही बुमराह ने इस ओवर में दो विकेट भी झटके.

19वां ओवर खत्म होने के बाद मैच भारत की तरफ आ चुका था. अब ऑस्ट्रेलिया को आखिरी ओवर में 14 रन बनाने थे और दो नए बल्लेबाज़ क्रीज़ पर मौजूद थे.

लेकिन अंतिम ओवर डालने आए उमेश यादव 14 रन बचा पाने में नाकामयाब रहे. उनके ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने दो चौके मारे और जीत हासिल की.

उमेश के इस ओवर के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट डाले गए. इन तमाम पोस्ट में उमेश यादव को ही हार का ज़िम्मेदार ठहराया गया.

कई पोस्ट में लोगों ने लिखा कि जसप्रीत बुमराह की पूरी मेहनत को उमेश यादव ने खराब कर दिया.

ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि इस हार के बाद जसप्रीत बुमराह का क्या सोच रहे थे और उमेश यादव के उस आखिरी ओवर के बारे में उनका क्या सोचना था.

मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए बुमराह ने उमेश के आखिरी ओवर का ज़िक्र किया.

''इस तरह के करीबी मुक़ाबलों में आखिरी ओवर डालना कभी आसान नहीं होता, क्योंकि आपको मालूम नहीं होता की ओवर के बाद मैच में कौन जीतेगा और कौन हारेगा. हां, हम मैच जीतना चाहते थे, लेकिन आखिरी ओवर डालना किसी भी गेंदबाज़ के लिए आसान नहीं होता.''

इस मैच में बुमराह ने अपने चार ओवर में सिर्फ़ 16 रन दिए और तीन विकेट झटके.जबकि उमेश यादव ने चार ओवर में 35 रन खर्च किए और उन्हें एक भी सफलता हाथ नहीं लगी.

आखिरी ओवर के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की धड़कने भी ऊपर-नीचे हो रही थीं. इस दौरान डगआउट में बैठे जेम्स मैक्सवेल क्या सोच रहे थे, इस बारे में उन्होंने बताया.

''जब आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे तो मैंने फ़िंच से कहा कि हमारी टीम में ऐसा करने के लिए सबसे बेहतरीन खिलाड़ी पैट कमिंस ही है, उन्होंने कई बार इस तरह से जीत दिलाई है. ऐसे मौक़ों पर वो अपना दिमाग बहुत ही ठंडा रखते हैं.''

इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी कुछ कमाल नहीं कर सकी. टीम में वापसी कर रहे के एल राहुल ने अर्धशतक ज़रूर जमाया लेकिन वह टीम को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा सके.

वहीं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टिककर बल्लेबाज़ी की लेकिन उनका स्ट्राइक रेट इतना धीमा रहा कि उस पर भी कई सवाल उठाए गए.

धोनी ने 37 गेंदों का सामना किया और 29 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने सिर्फ़ एक छक्का लगाया जोकि भारतीय पारी के अंतिम ओवर में आया.

धोनी की बल्लेबाज़ी पर बुमराह ने कहा कि वे मैच को अंत तक ले जाने में विश्वास रखते हैं.

बुमराह ने कहा, ''मैच के जिस हालात में धोनी बैटिंग कर रहे थे वो आसान नहीं थी. गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी. धोनी पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे और वे हमेशा मैच को अंत तक ले जाने में विश्वास रखते हैं. हां, अगर टीम के स्कोर में 15-20 रन और होते तो मैच का नतीजा बदल सकता था.''

Wednesday, February 20, 2019

कश्मीर घूमने ना जाएँ, कश्मीर की हर एक चीज़ का करें बहिष्कारः तथागत रॉय

मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने पुलवामा हमले के बाद कश्मीर के लोगों और कश्मीर का बहिष्कार करने की अपील की है.

त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके तथागत रॉय अपने बयानों के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं.

अब उन्‍होंने एक पूर्व फ़ौजी की बात का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है, ''भारतीय सेना के एक रिटायर्ड कर्नल ने अपील की है, 'अगले दो साल तक कश्मीर घूमने ना आएं, अमरनाथ यात्रा पर भी ना आएं. सर्दियों में आने वाले कश्मीरियों से सामान ना खरीदें. कश्मीर की हर एक चीज़ का बहिष्कार करें.' मैं इस बात से सहमत हूं.''

तथागत रॉय ने ट्वीट कर कश्मीरियों का बहिष्कार करने की बात कही है. वे सिर्फ़ कश्मीरियों के बहिष्कार तक ही सीमित नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने कश्मीर घूमने और अमरनाथ यात्रा तक के बहिष्कार की बात कही है.

तथागत रॉय ने रिटायर्ड मेजर और इस समय रिपब्लिक टीवी के साथ जुड़े मेजर गौरव आर्य के एक ट्वीट को भी रीट्वीट किया है.

मेजर गौरव आर्य ने ट्वीट किया था, ''भारतीय सेना अगर अपने हथियारों का सही से इस्तेमाल करे तो कश्मीर में होने वाले नुक़सान को कम किया जा सकता है. हालांकि राजनीतिक तौर पर हमें आश्वस्त किया गया है कि हम अपने लोगों के बीच काम कर रहे हैं और हमें संयमित रहना चाहिए.''

इस ट्वीट के रीट्वीट में तथागत रॉय ने लिखा है, ''पाकिस्तान की सेना (जो कश्मीरी अलगाववादियों को निर्देश देती है) 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में थी. वहां पाकिस्तानी सैनिकों ने हरतरफ़ बलात्कार और हत्याएं की. भारत ने मारा नहीं होता तो पूर्वी पाकिस्तान उसी के पास रह जाता. मैं यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि हम उतनी दूर जाएं. लेकिन कम से कम कुछ दूरी तो तय करें?"

कश्मीर के बहिष्कार पर तथागत रॉय के बयान के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई अन्य लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई है.

उमर अबदुल्ला ने ट्वीट किया है, ''ये कट्टरपंथी विचार ही कश्मीर को रसातल में ले जा रहे हैं. और तथागत अगर आप ऐसा चाह ही रहे हैं तो आप कश्मीर से निकलने वाली नदियों के पानी को क्यों नहीं रोक देते जिससे आप बिजली पैदा करते हैं?''

द हिंदू की पत्रकार सुहासिनी हैदर ने ट्वीट किया, ''ऐसा लगता है कि मेघालय के गवर्नर ने भारतीय संविधान की धारा 159 के तहत जो शपथ ली है उसका उल्लंघन किया है. राष्ट्रपति को इसका संज्ञान लेना चाहिए.''

तथागत रॉय के इस ट्वीट की जब कई लोगों ने आलोचना शुरू कर दी तो तथागत ने इसके जवाब में एक और ट्वीट किया.

उन्होंने लिखा, ''रिटायर्ड कर्नल के सुझाव से सहमति जताने पर मीडिया और अन्य जगहों पर काफी कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है. मगर जिस तरह से साढे तीन लाख कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला गया और हमारे सैकड़ों जवानों को मारा गया, उसके जवाब में तो यह सुझाव पूरी तरह से अहिंसक प्रतिक्रिया है.''

पुलवामा में 14 फ़रवरी को हुए हमले में सीआरपीएफ़ के कम से कम 40 जवान मारे गए थे. इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली.

बताया गया कि इस आत्मघाती हमले को 21 साल के कश्मीरी युवक आदिल अहमद ने अंजाम दिया था.

पुलवामा के पास ही गंडीबाग के रहने वाले आदिल एक साल पहले ही जैश ए मोहम्मद में शामिल हुए थे.

यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कश्मीरी छात्रों पर लोगों का गुस्सा निकलने की ख़बरें सुनने को मिल रही हैं.

भारतीय सेना ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कश्मीर की सभी माताओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपने भटके बेटों को बुलाकर सरेंडर करवा लें नहीं तो मारे जाएंगे.

मंगलवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी एक वीडियो जारी कर कहा कि अगर भारत हमला करेगा तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा.

Thursday, February 14, 2019

मुझे भगोड़ा कहने वाले मोदी बैंकों को पैसे लेने को क्यों नहीं कहते; मैं लौटाने को तैयार हूं: माल्या

नई दिल्ली. भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (62) ने ट्वीट कर सवाल उठाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंकों को यह निर्देश क्यों नहीं देते कि वो मेरा पैसा लौटाने का प्रस्ताव स्वीकार करें। ताकि, जनता की उस रकम की रिकवरी हो सके जो किंगफिशर को लोन के तौर पर दी गई थी।

माल्या ने गुरूवार को 4 ट्वीट किए। उसने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के बुधवार के भाषण का जिक्र किया है। माल्या का कहना है कि मोदी प्रखर वक्ता हैं। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि एक व्यक्ति 9000 करोड़ रुपए लेकर भाग गया। उन्होंने मीडिया को यह मुद्दा दिया। मैं समझता हूं कि उनका इशारा मेरी तरफ ही था।

माल्या ने दोहराया कि उसने कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था। इसे नकारा नहीं जा सकता। यह गंभीर और ईमानदार कोशिश थी। गेंद अब दूसरे पाले में है। किंगफिशर को दी गई रकम बैंक वापस क्यों नहीं ले रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय का यह दावा है कि मैंने अपनी संपत्ति छिपाई। अगर ऐसा होता तो मैं कोर्ट के सामने 14,000 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा क्यों करता। जनता को गुमराह करना शर्मनाक है।

4 फरवरी को ही ब्रिटिश सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दी है। हालांकि, वो इस फैसले के खिलाफ लंदन के हाईकोर्ट में अपील करेगा। वहां की निचली अदालत ने दिसंबर में ही माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी थी।

माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। वो मार्च 2016 में लंदन भाग गया था। भारत ने पिछले साल फरवरी में यूके से उसके प्रत्यर्पण की अपील की थी।

पिछले दिनों जांच ईडी ने जांच रिपोर्ट में कहा था कि माल्या का कर्ज लौटाने का कोई इरादा नहीं था। वह शुरू से ही लोन का पैसा विदेश भेजने में लगा था।

मार्क जकरबर्ग-प्रिसिला चान दूसरे से 7वें नंबर पर फिसले
फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान की डोनेशन में 89% कमी आई है। 2018 में उन्होंने 1,519.4 करोड़ रुपए की डोनेशन दी। वो दूसरे से 7वें नंबर पर फिसल गए हैं। 2017 में उन्होंने 14,200 करोड़ रुपए डोनेट किए थे।

लिस्ट में शामिल सभी 50 अमीरों ने 2018 में कुल 55,380 करोड़ दान में दिए। यह राशि 2017 के मुकाबले लगभग आधी है। उस साल 50 अमीरों ने 1.04 लाख करोड़ रुपए डोनेट किए थे।

जेफ बेजोस पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं और पहली ही बार में नंबर-1 हो गए हैं। उन्होंने पिछले साल लॉन्च किए बेजोस डे-वन फंड के जरिए जरूरतमंदों की मदद की। इससे पहले सामाजिक कार्यों में पीछे रहने की वजह से बेजोस को काफी निंदा झेलनी पड़ी थी।

बेजोस की नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए
जेफ बेजोस लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े अमीर बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए है।

डायरी में हर व्यक्ति का नाम नोट कर रहीं
प्रियंका नेताओं से खुशमिजाज तरीके से मिल रही हैं। उनके चेहरे पर कोई तनाव दिखने की बजाय मुस्कराहट रहती है। जिस भी नेता की बातचीत में प्रियंका को दम लग रहा है, उसका नाम वे अपनी पर्सनल डायरी में नोट कर रही हैं। वे संगठन और प्रत्याशी के बीच कांग्रेस को और मजबूत करने को लेकर चर्चा कर रही हैं।

Thursday, February 7, 2019

2 घंटे तक ईडी ने वाड्रा से की पूछताछ, अब जयपुर में होना होगा पेश

मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा आज एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. रॉबर्ट वाड्रा को सुबह 10.30 बजे ईडी के दफ्तर पहुंचना था, लेकिन वह 11.25 बजे ईडी दफ्तर पहुंचे. रॉबर्ट वाड्रा से करीब 2 घंटे तक पूछताछ हुई. ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा को जयपुर में पेश होने को कहा है. वाड्रा का ईडी के जयपुर दफ्तर में 12 फरवरी को पेश होना होगा.

इससे पहले वह बुधवार को भी पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचे थे, जहां करीब 6 घंटे ईडी के अधिकारियों ने उनसे कई सवाल पूछे. बुधवार शाम चार बजे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने पति रॉबर्ट वाड्रा को ईडी दफ्तर छोड़ने पहुंची थीं.

ईडी सूत्रों की मानें तो रॉबर्ट वाड्रा ने संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा को ईमेल किए थे. सुमित चड्ढा ने भी संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को जवाब दिया था. जिसके जवाब में रॉबर्ट वाड्रा ने प्रॉपर्टी को लेकिर निर्देश दिए थे. ईडी का दावा कि उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा के सभी ईमेल को ट्रैक किया है.

तीन अफसरों की टीम कर रही है पूछताछ

दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से मोहलत दी थी, लेकिन साथ ही ईडी के सवालों का सामना करने को कहा था. ईडी के 3 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम रॉबर्ट वाड्रा से इस मामले में पूछताछ कर रही है, जिसका नेतृत्व डिप्टी डायरेक्टर राजीव शर्मा कर रहे हैं. रॉबर्ट वाड्रा बुधवार जब ईडी दफ्तर पहुंचे तो प्रियंका गांधी उनके साथ थीं. हालांकि, वह उन्हें छोड़ वापस ईडी दफ्तर से चली गई थीं.

इसके बाद जब पूछताछ शुरू हुई तो वाड्रा ने कहा कि वह अपना पढ़ने वाला चश्मा नहीं लाए है, जिस कारण पूछताछ में देरी हुई. ईडी ने करीब 6 घंटे तक उनसे सवाल पूछे और गुरुवार को फिर पेश होने को कहा.

पहले दिन पूछे गए ये सवाल

पहले दिन की पूछताछ में रॉबर्ट वाड्रा से उनके मनोज अरोड़ा, सुमित चड्ढा, सी. थांपी और संजय भंडारी के साथ संबंधों पर बात की गई. इसके अलावा लंदन की प्रॉपर्टी पर भी वाड्रा से सवाल-जवाब हुए. वाड्रा ने इस दौरान लंदन में संपत्ति होने की बात तो ठुकराई लेकिन मनोज अरोड़ा के बारे में कहा कि वह उन्हें जानते हैं, लेकिन अरोड़ा ने कभी उनके लिए मेल नहीं किया.

गौरतलब है कि बुधवार को रॉबर्ट वाड्रा के ईडी में पेश होने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने उनपर हमला तेज कर दिया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रॉबर्ट वाड्रा को अपराधी बताया और लंदन-दिल्ली में प्रॉपर्टी को लेकर निशाना साधा. बीजेपी नेता ने दावा किया कि ये संपत्ति वाड्रा ने अवैध तरीके से कमीशन में ली हैं.

इसके अलावा बीजेपी ने दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर लगे रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को पोस्टरों को लेकर भी निशाना साधा. दूसरी ओर, प्रियंका गांधी ने भी ईडी की पूछताछ पर कहा कि वह अपने पति के साथ खड़ी हैं.

आपको बता दें कि ये मामला 19 लाख पाउंड की अघोषित विदेशी संपत्ति का है. ED ने भगोड़े हथियार व्यापारी संजय भंडारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जिसके बाद PMLA कानून के तहत रॉबर्ट वाड्रा को भी पेशी के लिए बुलाया गया.