Thursday, November 22, 2018

युवाओं से ज़्यादा बुज़ुर्गों का रोमांस समाज को क्यों अखरता है?

बढ़ती उम्र के साथ लोग रिटायरमेंट के बाद की प्लानिंग करने लगते हैं. पढ़ाई, नौकरी और फिर एक आरामदेह ज़िंदगी.

बेहतर रिटायरमेंट प्लान, बाज़ार में उपलब्ध सेहतमंद खाना और बैंक बैलेंस. लेकिन उम्र बढ़ने पर क्या इतने इंतज़ाम ही काफ़ी हैं?

बिल्कुल ये सारे क़दम ज़रूरी हैं. मगर आपने ग़ौर किया? ये सारे सुख, इंतज़ाम वो हैं, जो प्रकट तौर पर नज़र भी आते हैं और इनके बारे में बात करने से कोई हिचकता नहीं है.

उम्र बढ़ने के बाद सेक्सुअल ज़रूरतों पर बात नहीं होती है. कितने लोग होंगे जो इस बारे में सोच सकते हैं कि दादा और दादी के बीच बुढ़ापे में सेक्स भी हो सकता है?

बुढ़ापे से सेक्स को अलग रखना कितना सही?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक़, ज़िंदगी की इस चौथी स्टेज को संन्यास कहा जाता है. यानी बूढ़े लोगों को सारा भोग विलास छोड़कर ईश्वर की आराधना में मगन हो जाना चाहिए.

लेकिन क्या सेक्स को प्रौढ़ता से अलग रखना सही है? क्या सेक्स शरीर और मन की ऐसी ज़रूरत नहीं है, जो हमेशा बनी रह सकती है?

जवाब 80 साल की हॉलीवुड एक्ट्रेस जूडी डेंच एक इंटरव्यू में देती हैं, ''सेक्स और अंतरंगता ज़िंदगी की एक अहम ज़रूरत है. इसकी तमन्ना कभी कम नहीं होती.''

प्लेबॉय फ़ाउंडर ह्यू हेफ्नर ने 86 की उम्र में ब्याह किया. याद कीजिए, क्या भारत में आपने ऐसी कई शादियां देखी हैं? आपका जवाब शायद ना में हो.

भारतीय समाज में प्रौढ़ कामुकता को नीची नज़र से देखा जाता है. फिल्मी रोमांस भी उन जोड़ों के इर्द-गिर्द दिखाया जाता है, जिनकी उम्र कम हो. हीरो अगर 55 का हो तो बालों की रंगाई और चेहरे की पुताई से उसे जवान दिखाने की कोशिश होती है.

फिल्मों में बूढ़ी हीरोइन- ये सिर्फ़ कल्पना बनकर रह गई है.

हालांकि नि:शब्द, वंस अगेन और चीनी कम जैसी फ़िल्मों में इस ढर्रे को तोड़ने की कोशिशें हुई हैं. इन फ़िल्मी कहानियों को पर्दे और पर्दे से बाहर स्वीकार करने में सहजता नहीं रही है.

बुज़ुर्गों का क्या है अनुभव?

चेन्नई में रहने वाले 64 बरस के गोविंदराज का अनुभव कुछ कड़वाहट भरा रहा है.

वो बताते हैं, ''सोशल मीडिया और डेटिंग साइट्स पर कई महिलाएं साथ में जुड़ी हुई हैं. लेकिन रिश्ता जब जिस्मानी संबंधों की ओर बढ़ने की बात होती है तो महिलाओं को हैरानी होती है. महिलाओं को लगता है कि हम बुज़ुर्ग हैं और उस हिसाब से बहुत बोल्ड हैं.''

वल्लभ कनन उम्र के 60 सावन देख चुके हैं. शादी के 28 साल हो गए हैं. वल्लभ एक संतुष्ट सेक्सुअल ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं.

मगर इस छोटे से डर के साए में कि पत्नी संग रोमांस करते हुए बच्चों की निगाह उन पर न पड़ जाए.

वजह इन बच्चों का अपने पेरेंट्स के रोमांस को देखकर असहज होना और कई बार चिल्ला तक देना.

एक बार वल्लभ अपनी पत्नी के साथ सुबह पार्क में सैर करने गए. दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा हुआ था. वल्लभ बताते हैं कि पार्क में टहल रहा हर कोई उन्हें मुड़-मुड़ कर देख रहा था. मानो वो कोई अश्लील हरकत कर रहे हों.

Sunday, November 11, 2018

ख़ाशोज्जी हत्या मामला: तुर्की ने दिए सऊदी अरब, अमरीका को 'टेप'

तुर्की ने जानकारी दी है कि उसने पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या से जुड़ी रिकॉर्डिंग अमरीका, ब्रिटेन और सऊदी अरब के साथ साझा की है.

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने एक बार फिर दावा किया है कि सऊदी अरब को जानकारी है कि ख़ाशोज्जी की हत्या किसने की थी.

पत्रकार ख़ाशोज्जी को सऊदी शासन का, ख़ासतौर पर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का आलोचक माना जाता था. 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्यिक दूतावास में उनकी हत्या हो गई थी.

सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टि तो की कि ख़ाशोज्जी की वहां हत्या की गई थी लेकिन शाही परिवार की किसी भी भूमिका के दावे को ग़लत बताया था.

इसके पहले सऊदी अरब ने दावा किया था कि ख़ाशोज्जी दूतावास से सुरक्षित बाहर चले गए थे.

तुर्की ने ख़ाशोज्जी की हत्या के लिए सार्वजनिक तौर पर सऊदी अरब को दोषी नहीं ठहराया है.

तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने शनिवार को टीवी पर प्रसारित भाषण में कहा, " हमने सऊदी अरब, वाशिंगटन, जर्मनी, फ्रांस और इंग्लैंड को रिकॉर्डिंग दे दी है."

उन्होंने कहा, "उन्होंने वो वार्तालाप सुना जो यहां हुआ, वो ये जानते हैं."

हालांकि किसी और देश ने अब तक ये नहीं कहा है कि उन्होंने रिकॉर्डिंग सुनी है.

बीबीसी ने जब शनिवार को ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से जानकारी मांगी तो उन्होंने टेप मिलने की न तो पुष्टि की और न ही इनक़ार किया.

ख़ाशोज्जी की मंगेतर हतीजे जेंग्गिज़ ने दुनिया के नेताओं से अपील की है कि 'दोषियों को न्याय की परिधि में लाया जाए'.

ख़ाशोज्जी की हत्या के बारे में अब तक क्या पता है?
ख़ाशोज्जी की मौत कैसे हुई, इसे लेकर अब तक एक राय नहीं बन सकी है. वो अपनी शादी से जुड़े काग़जात के सिलसिले में वाणिज्यिक दूतावास गए थे.

शुरुआत में तुर्की मीडिया ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया था कि तुर्की के पास ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग है जिससे साबित होता है कि हत्या के पहले ख़ाशोज्जी को टार्चर किया गया था.

हालांकि, बीते हफ़्ते तुर्की ने दावा किया कि ख़ाशोज्जी के दूतावास में दाख़िल होते ही उनकी गला दबाकर हत्या कर दी गई और उनका शव 'पहले से तैयार योजना के तहत' ठिकाने लगा दिया गया.

ख़ाशोज्जी का शव नहीं मिला और तुर्की के अधिकारियों का दावा है कि इसे गला दिया गया.

ख़ाशोज्जी के साथ क्या हुआ, इस सवाल पर सऊदी अरब का जवाब बदलता रहा है.

ख़ाशोज्जी की हत्या 'पूर्वनियोजित' थी: तुर्की

'ख़ाशोज्जी की हत्या में क्राउन प्रिंस की भूमिका नहीं'

शुरुआत में जब उनके लापता होने की ख़बर आई तो सऊदी अरब ने कहा कि ख़ाशोज्जी दूतावास के बाहर ज़िंदा गए थे. बाद में सऊदी अरब ने माना कि उनकी हत्या कर दी गई थी.

सऊदी अरब ने बताया कि उसने 18 संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया और उन पर सऊदी में मुक़दमा चलाया जाएगा. तुर्की संदिग्धों को प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है.