Thursday, December 27, 2018

2019 में रेलवे देगा 5 बड़े तोहफे, आपको मिलेगा फायदा

नए साल की शुरुआत होने वाली है और इस साल भारतीय रेलवे के कई बड़े तोहफे आपका इंतजार कर रहे हैं. 2019 में सफर के दौरान ट्रेनों में आपको शॉपिंग की सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही रेलगाड़ियों में रोबोट भी नजर आने वाले हैं. वहीं किन्‍नरों के लिए भी नई सुविधा की शुरुआत होने वाली है. आज हम आपको इस रिपोर्ट में ऐसे ही 5 सुविधाओं के बारे में बता रहे हैं. 

चलती ट्रेन में कर सकेंगे शॉपिंग

नए साल में रेलवे की ओर से खास सुविधा दी जाएगी. दरअसल, अब ट्रेन में सफर के दौरान घर और रसोई के आइटम समेत अन्‍य जरूरी सामान खरीदा जा सकेगा.  हालांकि पहले चरण में इस सुविधा की शुरुआत दो ट्रेनों में होगी और इसके बाद हर चरण में दो-दो ट्रेनों को जोड़ा जाएगा. रेलवे अधिकारी के मुताबिक इसके लिए एक निजी कंपनी को पांच साल का कॉन्‍ट्रैक्‍ट दिया गया है. इस फर्म की ट्रेन में घरेलू सामान के अलावा ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट समेत अन्य आइटम्‍स बेचने की अनुमति होगी. हालांकि, ट्रेनों में कोई खाद्य सामग्री, सिगरेट, गुटखा या शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा इन आइटम्‍स को सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक ही बेचा जा सकेगा और वर्दी में दो कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी रहेगी. वहीं डेबिट और क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदने की भी सुविधा दी जाएगी.

कुंभ मेले के लिए 800 स्‍पेशल ट्रेनें

2019 में प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले के लिए रेलवे ने कई खास सुविधाएं देने की घोषणा की है. मेले को देखते हुए 800 स्‍पेशल ट्रेन चलाई जाएगी और इसमें मुफ्त वाई-फाई, बायो-टॉयलेट की सुविधा दी जाएगा. इसके अलावा यात्रियों को बायो-टॉयलेट की सुविधा नई है. वहीं यात्रियों को कुंभ से जुड़ी तस्वीरें रेलवे कोच में दिखाई जाएंगी. यही नहीं, रेलवे ने कुंभ की वजह से रेल कुंभ ऐप भी बनाई है.

रेलगाड़ियों की मरम्मत के लिए रोबोट

नए साल में आपको ट्रेनों में रोबोट देखने को मिलेंगे. दरअसल, रेलवे के नागपुर डिविजन की मैकेनिकल ब्रांच में अंडरगियर सर्विलांस थ्रू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस असिस्टेड ड्राइड यानी उस्ताद नाम का एक रोबोट डेवलप किया गया है. यह रोबोट ट्रेन के नीचे जाकर रेलगाड़ी के कल पुर्जे की फोटो खींचेगा और अगर कोई‍ दिक्‍कत आई तो उसे नोटिस में लाएगा. उस्ताद रोबोट में हाई डेफिनेशन कैमरे लगे हैं. साथ ही इन कैमरों की खासियत है कि 320 डिग्री के कोण पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने में सक्षम हैं. वर्तमान में शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनें जब अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंचती हैं तो वहां पर इन ट्रेनों की पूरी जांच की जाती है. इनके नीचे रेलवे कर्मचारी जा कर देखता है कि कहीं पर कोई दिक्कत तो नहीं है.

फाइव स्‍टार होटल की तरह रेलवे स्‍टेशन

इस साल देश का पहले फाइव स्टार रेलवे स्टेशन की शुरुआत होने की संभावना है.एयरपोर्ट की तर्ज पर यह रेलवे स्‍टेशन गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बन रहा है. यह देश का पहला ऐसा स्टेशन होगा जहां फाइव स्टार होटल डेवलप किया जा रहा है. यह होटल 10 मंजिला होगा. होटल में 300 कमरे बनाए जा रहे हैं. नए साल में वाइब्रेंट गुजरात के दौरान इस होटल को शुरू किए जाने की उम्‍मीद है.

किन्नरों को रेल किराए में डिस्‍काउंट

रेलवे की नई सुविधा के अनुसार किन्नरों को सीनियर सिटीजन पुरुष-महिला की तरह ही अब रेल किराए में रियायत मिलेगी. इस संबंध में हाल ही में रेलवे ने सभी जोन को पत्र लिखा है. किन्नर को यह सुविधा नए साल यानी 1 जनवरी 2019 से मिलनी शुरू हो जाएगी.

Monday, December 17, 2018

IPL Auction 2019 आज, कहां और कब देखें Live Streaming

IPL Auction 2019 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास में सबसे बड़ी बोली पाने वाले हरफनमौला भारतीय खिलाड़ी युवराज सिंह की साख मंगलवार को जयपुर में होने वाली नीलामी में दांव पर लगी होगी. इस साल होने वाले वाले विश्व कप के मद्देनजर फ्रेचाइजी की नजरें विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी पर हैं.

युवराज जब लय में थे, तब उनके लिए 16 करोड़ रुपये की बोली लगी थी, लेकिन पिछले सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें और क्रिस गेल को आधार कीमत दो करोड़ रुपये की कीमत के साथ टीम से जोड़ा था. गेल ने अपने प्रदर्शन से टीम विश्वास जीता, तो वहीं युवराज आठ मैचों में सिर्फ 65 रन बना सके. इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि टीम ने उन्हें रिलीज करने का फैसला किया.

भारत के लिए जून 2017 में अंतिम बार खेलने वाले 37 साल के खिलाड़ी ने खुद को एक करोड़ रुपये के आधार मूल्य की सूची में रखा है. इस सूची में ऋद्धिमान साहा, मोहम्मद शमी और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं.

नए शहर में नीलामी होने के साथ ही इस बार इसमें नए संचालक दिखेंगे. आईपीएल नीलामी में नियमित रूप से संचालन करने वाले रिचर्ड मेडले इस बार नीलामी का हिस्सा नहीं होंगे और नीलामी के संचालन की जिम्मेदारी ह्यू एडमिडेस को सौंपी गई है. एडमिडेस को नीलामी कंपनी क्रिस्टी में 30 साल से अधिक का अनुभव है.

दिलचस्प बात यह है कि 346 क्रिकेटरों के पूल में अधिकतम आधार मूल्य दो करोड़ रुपये की की सूची में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है, इस आधार कीमत की सूची में शामिल नौ खिलाड़ियों में ब्रेंडन मैक्कुलम, क्रिस वोक्स, लसिथ मलिंगा, शॉन मार्श, सैम कुरेन, कोलिन इनग्राम, कोरी एंडरसन, एंजेलो मैथ्यूज और डार्सी शॉर्ट जैसे नाम हैं.

इस नीलामी में कुल 70 खिलाड़ियों को खरीदा जा सकता है, जिसमें से विदेशी खिलाड़ियों के लिए 20 जगह है. भारतीय टेस्ट टीम के नियमित सदस्य चेतेश्वर पुजारा और ईशांत शर्मा को क्रमश: 50 और 75 लाख रुपये की सूची में रखा है.

आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक 2018' का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई. '2019 का रोड मैप' सेशन का संचालन रोहित सरदाना ने किया. इस सत्र में नितिन गडकरी ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी खुल कर बात की.

नितिन गडकरी ने कहा कि अयोध्या का मुद्दा धर्म का नहीं है, ये जनभावनाओं से जुड़ा है. अगर राम के जन्मस्थान पर मंदिर नहीं बनेगा तो किधर बनेगा. ये भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में पहले भी था और आज भी है. उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन अभी भी आपसी बातचीत से मुद्दा सुलझ सकता है.

पूर्व बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमने जो पालमपुर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में वादा किया था उसी पर आज ही कायम हैं. लेकिन हम कोर्ट में हैं. गडकरी ने कहा कि राम मंदिर बनाने के तीन रास्ते हैं. पहला सुप्रीम कोर्ट के फैसले से, दूसरा आपसी बातचीत से और तीसरा संसद में कानून लाने से.

Friday, December 14, 2018

पैडमैन की निर्माता को नहीं मिल रही जमानत, 5 दिन से जेल में

फिल्म प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा 32 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पिछले पांच दिन से जेल में हैं. इस मामले में सुनवाई शनिवार को होगी. बता दें कि ये मामला सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की फिल्म केदारनाथ से जुड़ा है. प्रेरणा क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट प्रोड्क्शन हाउस की ओनर हैं. यह प्रोडक्शन हाउस रुस्तम, टॉयलेट, पैडमैन और परी जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुका है. 

प्रेरणा के वकील रिजवान मर्चेंट के अनुसार, प्रेरणा ने कोर्ट में कहा था कि उन्हें (प्रेरणा) जेल में नहीं रखा जा सकता. लेकिन प्रेरणा पर धोखाधड़ी के एक से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जिसके कारण कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया है.

क्या है मामला?

क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट ने फिल्म केदारनाथ के राइट्स रोनी स्क्रूवाला को बेचे थे, इसके बाद जून 2018 को फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर वासु भगनानी ने प्रेरणा और क्रिअर्ज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. भगनानी का आरोप है कि गैर कानूनी तरीके से रोनी स्क्रूवाला को राइट्स बेचे जाने से उन्हें 16 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. भगनानी ने प्रेरणा के अलावा प्रतिमा अरोड़ा और अर्जुन कपूर के खिलाफ मुंबई के आर्थिक अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज कराई थी.

पिता से मिलकर रोईं

कोर्ट ने जब प्रेरणा को जेल जाने का फैसला सुनाया तो उस वक़्त प्रेरणा की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. एंटरटेनमेंट वेबसाइट स्पॉटबॉय की खबर के अनुसार, प्रेरणा के वकील ने बताया कि जेल जाते वक़्त उन्होंने अपने पिता को गले लगाया. उस वक्त वे बहुत निराश थीं.

श्रीसंत फैमिली वीक के बाद से एग्रेसिव हो गए हैं. गुरुवार के शो में उन्हें बार-बार दूसरों से पंगा लेते हुए देखा गया. मालूम हो कि इस हफ्ते घर से बाहर होने के लिए तीन कंटेस्टेंट नॉमिनेट हुए हैं. इनमें करणवीर बोहरा, रोहित सुचांती और सोमी खान शामिल हैं. इस वीकेंड के वार में शाहरुख खान अपनी फिल्म जीरो का प्रमोशन करने पहुंचेंगे.

बृजेन्द्र ने दूरदर्शन के लिए मर्डर मिस्ट्री फिल्म सिर्फ चार दिन बनाई थी. उन्होंने 2010 में भारत की पहली साइलेंट कॉमेडी गुटर गू को प्रोड्यूस किया था.

अनुपम खेर ने छोड़ा था पद

बता दें, FTII के पूर्व विवादित चेयरमैन गजेंद्र चौहान के हटाए जाने के बाद अनुपम खेर की नियुक्ति की गई थी. लेकिन खेर ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफे की वजह बिजी शेड्यूल और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स को बताया. खेर को अक्टूबर 2017 में एफटीआईआई का चेयरमैन बनाया गया था. पद छोड़ते वक्त खेर का कहना था कि ''मेरे पास एफटीआईआई को देने के लिए बहुत अधिक समय नहीं है. इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया.''

Tuesday, December 11, 2018

1996 में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, क्षेत्रीय दलों के दबदबे की शुरुआत भी यहीं से

1991 में प्रधानमंत्री बने नरसिंह राव गैर नेहरू-गांधी परिवार के पहले व्यक्ति रहे, जिसने सत्ता में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। हालांकि, सत्ता में आने के बाद से ही राजनीति के अपराधीकरण पर वोहरा रिपोर्ट, जैन हवाला कांड और तंदूर हत्याकांड जैसे मामलों से सरकार विवादों में आ गई थी। प्रधानमंत्री तक पर आरोप लगे। सात मंत्रियों के इस्तीफे हुए। 1996 के लोकसभा चुनाव आते-आते राव और कांग्रेस अपना तेज खोते गए

चुनाव से पूर्व कई नेताओं ने कांग्रेस से अलग होकर पार्टियां बनाईं। इनमें- एनडी तिवारी की ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस (तिवारी), माधवराव सिंधिया की मध्य प्रदेश विकास कांग्रेस, जीके मूपनार की तमिल मनीला कांग्रेस शामिल थीं। भ्रष्टाचार मुद्दा बना और कांग्रेस हार गई। 161 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। पहली बार लोकसभा में उसे कांग्रेस से ज्यादा सीटें भी मिलीं। अटल बिहारी वाजपेयी 13 दिन तक प्रधानमंत्री रहे, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को 140 सीटें मिलीं, लेकिन उसने सरकार न बनाने का निर्णय लिया। हरकिशन सिंह सुरजीत व वीपी सिंह के प्रयासों से 13 से अधिक दलों के संयुक्त मोर्चा को कांग्रेस ने बाहर से समर्थन दिया। चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर के बाद इस बार देवेगौड़ा तीसरे प्रधानमंत्री बने, जिनकी सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया। हालांकि समर्थन ज्यादा टिक नहीं पाया। कांग्रेस ने बिना किसी ठोस कारण देवेगौड़ा से समर्थन वापस लिया और संयुक्त मोर्चे के ही इंद्रकुमार गुजराल को समर्थन दे दिया।

राजीव गांधी हत्याकांड पर आई जैन आयोग की रिपोर्ट लीक होने के बाद कांग्रेस ने गुजराल से भी समर्थन ले लिया। इस तरह 1998 में देश में एक बार फिर मध्यावधि चुनाव हुए। 1996 के लोकसभा चुनावों में 8 राष्ट्रीय दल, 30 राज्य स्तरीय दल सहित 171 रजिस्टर्ड पार्टियां चुनाव लड़ीं। यानी पहली बार 200 से ज्यादा पार्टियां चुनावी मैदान में थीं। कुल 13,952 प्रत्याशी मैदान में थे। पहली बार उम्मीदवारों की संख्या 10 हजार के पार पहुंची थी। लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों के दबदबे की शुरुआत भी 1996 से हुई। इस बार क्षेत्रीय पार्टियों को 543 में से 129 सीटें मिलीं।

आडवाणी की सीट से वाजपेयी लड़े, जीते

कांग्रेस से अलग होकर कांग्रेस (तिवारी) पार्टी बनाने वाले दिग्गज नेता तिवारी और अर्जुन सिंह दोनों चुनाव हार गए। तिवारी झांसी से लड़े और पांचवें स्थान पर रहे। वहीं अर्जुन सिंह सतना से हार गए। अर्जुन सिंह को बसपा के सुखलाल कुश्वाह ने हराया। अर्जुन सिंह तीसरे स्थान पर रहे। चुनाव में तिवारी कांग्रेस के सिर्फ दो सांसद सतपाल महाराज और शीशराम ओला ही जीते।

राजीव गांधी हत्याकांड की जांच के लिए स्थापित जैन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस ने इंद्रकुमार गुजराल के नेतृत्व वाली संयुक्त मोर्चे की सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की। जैन आयोग की अंतरिम रिपोर्ट लीक होने से इस बात का पता चला था कि डीएमके और इसके नेतृत्व की श्रीलंका के लिट्टे नेता वी. प्रभाकरन को प्रोत्साहन देने में भूमिका थी। हालांकि रिपोर्ट में राजीव गांधी की हत्या के संबंध में डीएमके के किसी भी नेता या किसी भी पार्टी का सीधे नाम नहीं था।

लालकृष्ण आडवाणी का नाम हवाला कांड में आने के बाद उन्होंने घोषणा की कि जब तक मैं निर्दोश साबित नहीं होता, तब तक चुनाव नहीं लडूंगा। इसके बाद उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र गांधीनगर से चुनाव नहीं लड़ा। वहां से अटल बिहारी वाजपेयी चुनाव लड़े। वाजपेयी लखनऊ से भी जीते। बाद में उन्होंने गांधीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया।

Thursday, November 22, 2018

युवाओं से ज़्यादा बुज़ुर्गों का रोमांस समाज को क्यों अखरता है?

बढ़ती उम्र के साथ लोग रिटायरमेंट के बाद की प्लानिंग करने लगते हैं. पढ़ाई, नौकरी और फिर एक आरामदेह ज़िंदगी.

बेहतर रिटायरमेंट प्लान, बाज़ार में उपलब्ध सेहतमंद खाना और बैंक बैलेंस. लेकिन उम्र बढ़ने पर क्या इतने इंतज़ाम ही काफ़ी हैं?

बिल्कुल ये सारे क़दम ज़रूरी हैं. मगर आपने ग़ौर किया? ये सारे सुख, इंतज़ाम वो हैं, जो प्रकट तौर पर नज़र भी आते हैं और इनके बारे में बात करने से कोई हिचकता नहीं है.

उम्र बढ़ने के बाद सेक्सुअल ज़रूरतों पर बात नहीं होती है. कितने लोग होंगे जो इस बारे में सोच सकते हैं कि दादा और दादी के बीच बुढ़ापे में सेक्स भी हो सकता है?

बुढ़ापे से सेक्स को अलग रखना कितना सही?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक़, ज़िंदगी की इस चौथी स्टेज को संन्यास कहा जाता है. यानी बूढ़े लोगों को सारा भोग विलास छोड़कर ईश्वर की आराधना में मगन हो जाना चाहिए.

लेकिन क्या सेक्स को प्रौढ़ता से अलग रखना सही है? क्या सेक्स शरीर और मन की ऐसी ज़रूरत नहीं है, जो हमेशा बनी रह सकती है?

जवाब 80 साल की हॉलीवुड एक्ट्रेस जूडी डेंच एक इंटरव्यू में देती हैं, ''सेक्स और अंतरंगता ज़िंदगी की एक अहम ज़रूरत है. इसकी तमन्ना कभी कम नहीं होती.''

प्लेबॉय फ़ाउंडर ह्यू हेफ्नर ने 86 की उम्र में ब्याह किया. याद कीजिए, क्या भारत में आपने ऐसी कई शादियां देखी हैं? आपका जवाब शायद ना में हो.

भारतीय समाज में प्रौढ़ कामुकता को नीची नज़र से देखा जाता है. फिल्मी रोमांस भी उन जोड़ों के इर्द-गिर्द दिखाया जाता है, जिनकी उम्र कम हो. हीरो अगर 55 का हो तो बालों की रंगाई और चेहरे की पुताई से उसे जवान दिखाने की कोशिश होती है.

फिल्मों में बूढ़ी हीरोइन- ये सिर्फ़ कल्पना बनकर रह गई है.

हालांकि नि:शब्द, वंस अगेन और चीनी कम जैसी फ़िल्मों में इस ढर्रे को तोड़ने की कोशिशें हुई हैं. इन फ़िल्मी कहानियों को पर्दे और पर्दे से बाहर स्वीकार करने में सहजता नहीं रही है.

बुज़ुर्गों का क्या है अनुभव?

चेन्नई में रहने वाले 64 बरस के गोविंदराज का अनुभव कुछ कड़वाहट भरा रहा है.

वो बताते हैं, ''सोशल मीडिया और डेटिंग साइट्स पर कई महिलाएं साथ में जुड़ी हुई हैं. लेकिन रिश्ता जब जिस्मानी संबंधों की ओर बढ़ने की बात होती है तो महिलाओं को हैरानी होती है. महिलाओं को लगता है कि हम बुज़ुर्ग हैं और उस हिसाब से बहुत बोल्ड हैं.''

वल्लभ कनन उम्र के 60 सावन देख चुके हैं. शादी के 28 साल हो गए हैं. वल्लभ एक संतुष्ट सेक्सुअल ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं.

मगर इस छोटे से डर के साए में कि पत्नी संग रोमांस करते हुए बच्चों की निगाह उन पर न पड़ जाए.

वजह इन बच्चों का अपने पेरेंट्स के रोमांस को देखकर असहज होना और कई बार चिल्ला तक देना.

एक बार वल्लभ अपनी पत्नी के साथ सुबह पार्क में सैर करने गए. दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा हुआ था. वल्लभ बताते हैं कि पार्क में टहल रहा हर कोई उन्हें मुड़-मुड़ कर देख रहा था. मानो वो कोई अश्लील हरकत कर रहे हों.

Sunday, November 11, 2018

ख़ाशोज्जी हत्या मामला: तुर्की ने दिए सऊदी अरब, अमरीका को 'टेप'

तुर्की ने जानकारी दी है कि उसने पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या से जुड़ी रिकॉर्डिंग अमरीका, ब्रिटेन और सऊदी अरब के साथ साझा की है.

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने एक बार फिर दावा किया है कि सऊदी अरब को जानकारी है कि ख़ाशोज्जी की हत्या किसने की थी.

पत्रकार ख़ाशोज्जी को सऊदी शासन का, ख़ासतौर पर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का आलोचक माना जाता था. 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्यिक दूतावास में उनकी हत्या हो गई थी.

सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टि तो की कि ख़ाशोज्जी की वहां हत्या की गई थी लेकिन शाही परिवार की किसी भी भूमिका के दावे को ग़लत बताया था.

इसके पहले सऊदी अरब ने दावा किया था कि ख़ाशोज्जी दूतावास से सुरक्षित बाहर चले गए थे.

तुर्की ने ख़ाशोज्जी की हत्या के लिए सार्वजनिक तौर पर सऊदी अरब को दोषी नहीं ठहराया है.

तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने शनिवार को टीवी पर प्रसारित भाषण में कहा, " हमने सऊदी अरब, वाशिंगटन, जर्मनी, फ्रांस और इंग्लैंड को रिकॉर्डिंग दे दी है."

उन्होंने कहा, "उन्होंने वो वार्तालाप सुना जो यहां हुआ, वो ये जानते हैं."

हालांकि किसी और देश ने अब तक ये नहीं कहा है कि उन्होंने रिकॉर्डिंग सुनी है.

बीबीसी ने जब शनिवार को ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से जानकारी मांगी तो उन्होंने टेप मिलने की न तो पुष्टि की और न ही इनक़ार किया.

ख़ाशोज्जी की मंगेतर हतीजे जेंग्गिज़ ने दुनिया के नेताओं से अपील की है कि 'दोषियों को न्याय की परिधि में लाया जाए'.

ख़ाशोज्जी की हत्या के बारे में अब तक क्या पता है?
ख़ाशोज्जी की मौत कैसे हुई, इसे लेकर अब तक एक राय नहीं बन सकी है. वो अपनी शादी से जुड़े काग़जात के सिलसिले में वाणिज्यिक दूतावास गए थे.

शुरुआत में तुर्की मीडिया ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया था कि तुर्की के पास ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग है जिससे साबित होता है कि हत्या के पहले ख़ाशोज्जी को टार्चर किया गया था.

हालांकि, बीते हफ़्ते तुर्की ने दावा किया कि ख़ाशोज्जी के दूतावास में दाख़िल होते ही उनकी गला दबाकर हत्या कर दी गई और उनका शव 'पहले से तैयार योजना के तहत' ठिकाने लगा दिया गया.

ख़ाशोज्जी का शव नहीं मिला और तुर्की के अधिकारियों का दावा है कि इसे गला दिया गया.

ख़ाशोज्जी के साथ क्या हुआ, इस सवाल पर सऊदी अरब का जवाब बदलता रहा है.

ख़ाशोज्जी की हत्या 'पूर्वनियोजित' थी: तुर्की

'ख़ाशोज्जी की हत्या में क्राउन प्रिंस की भूमिका नहीं'

शुरुआत में जब उनके लापता होने की ख़बर आई तो सऊदी अरब ने कहा कि ख़ाशोज्जी दूतावास के बाहर ज़िंदा गए थे. बाद में सऊदी अरब ने माना कि उनकी हत्या कर दी गई थी.

सऊदी अरब ने बताया कि उसने 18 संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया और उन पर सऊदी में मुक़दमा चलाया जाएगा. तुर्की संदिग्धों को प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है.