नई दिल्ली. भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के एक बयान से फिर विवाद शुरू हो गया। उन्होंने दावा किया कि 6 दिसंबर 1992 को उन्होंने अयाेध्या में गुंबद पर चढ़कर विवादित ढांचा तोड़ा था। इस बयान के बाद साध्वी प्रज्ञा की उम्र पर सवाल उठने लगे। कई नेताओं और पत्रकारों ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया कि जिस वक्त बाबरी ढांचा गिराया गया था, उस वक्त साध्वी की उम्र 4 साल थी।
साध्वी प्रज्ञा ने कहा था- ढांचा तोड़ने पर मुझे गर्व
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने रविवार को कहा कि वे बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने गई थीं और उस पर चढ़कर उसे तोड़ा था। उन्होंने कहा, ‘"ढांचा तोड़ने पर मुझे गर्व है। ईश्वर ने मुझे अवसर और शक्ति दी थी, इसलिए मैंने यह काम कर दिया। मैंने देश का कलंक मिटाया था।" उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निश्चित रूप से बनाया जाएगा। उनके इस बयान पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए साध्वी प्रज्ञा को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
साध्वी की उम्र को लेकर विवाद क्यों?
साध्वी प्रज्ञा के इस बयान के बाद उनकी उम्र को लेकर दावे किए गए। दरअसल, इंटरनेट पर वायरल कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि साध्वी प्रज्ञा की जन्म की तारीख 2 अप्रैल 1988 है। इसके बाद कई नेताओं और पत्रकारों ने भी दावा किया कि साध्वी प्रज्ञा का जन्म 1988 में हुआ था और इस लिहाज से जब बाबरी ढांचा गिराया गया, तब उनकी उम्र 4 साल रही होगी। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती और वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने भी इसी बारे में ट्वीट किया। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने कहा कि बाबरी विध्वंस के वक्त अगर साध्वी प्रज्ञा 4 साल की थीं तो उन्होंने खुद चढ़कर ढांचा कैसे गिराया?
पड़ताल: अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, 2016 में 44 साल की थीं प्रज्ञा
महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए बम धमाके में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया था। उन्हें 29 अक्टूबर 2008 को गिरफ्तार किया गया था। 2016 में साध्वी प्रज्ञा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। इसमें उन्होंने अपनी उम्र उस वक्त यानी 2016 में 44 साल बताई थी। इस हिसाब से उनका जन्म 1972 में हुआ था। इसके बाद 25 अप्रैल 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी। हाईकोर्ट के फैसले में भी उनकी उम्र 44 साल लिखी है। अगर साध्वी प्रज्ञा 2016 में 44 साल की थीं, तो 1992 में उनकी उम्र 20 साल रही होगी।
काबुल. अफगानिस्तान ने वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया। पूर्व कप्तान असगर अफगान और तेज गेंदबाज हामिद हसन को टीम में शामिल किया। गुलबदीन नईब टीम की कमान संभालेंगे। 15 सदस्यीय दल में राशिद खान, मोहम्मद नबी, मोहम्मद शहजाद और मुजीब उर रहमान के रूप में अनुभवी खिलाड़ी भी हैं।
हसन ने पिछला वनडे 2016 में खेला था
हसन को तीन साल बाद टीम में चुना गया है। हालांकि, उनकी फिटनेस पर अभी भी संशय बरकरार है। 31 साल के हसन ने 32 वनडे में 56 विकेट लिए हैं। उन्होंने पिछला वनडे 2016 में आयरलैंड के खिलाफ खेला था।
हसन के चयन पर मुख्य चयनकर्ता दावत खान अहमदजई ने कहा, “अनुभवी तेज गेंदबाज हामिद हसन की वापसी हमारे लिए खुशी की बात है। हम अभ्यास मैचों के दौरान उसकी फिटनेस और फॉर्म का जायजा लेंगे।"
बोर्ड ने वर्ल्ड कप से दो महीने पहले टीम के असगर अफगान से कप्तानी छीन ली थी। इसके विरोध में राशिद खान और स्पिनर मोहम्मद नबी ने देश के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी। इसके बावजूद असगर को दोबारा कप्तान नहीं बनाया गया।
अफगानिस्तान टीम : गुलबदीन नईब (कप्तान), मोहम्मद शाहजाद (विकेटकीपर), नूर अली जादरान, हजरतुल्ला जजई, रहमत शाह, असगर अफगान, हश्मतुल्लाह शाहिदी, नजीबुल्लाह जादरान, समिउल्लाह शिनवारी, मोहम्मद नबी, राशिद खान, दौलत जादरान, अफताब आलम, हामिद हसन, मुजीब उर रहमान।
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