रविवार की शाम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विशाखापट्टनम में एक बेहद रोमांचक टी20 मुक़ाबला खेला गया.
दो मैचों की सिरीज़ के इस पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी गेंद पर विजयी रन बनाकर तीन विकेट से जीत अपनी झोली में डाली.
लेकिन अंतिम दो ओवरों में इस मैच ने इतनी बार अपना पाला बदला की स्टेडियम में बैठे तमाम दर्शक अंत तक अपनी कुर्सियों से चिपके रहे
आखिरी दो ओवरों की कहानी
विशाखापट्टनम की धीमी पिच पर भारत की ओर से मिले 127 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े आराम से जीत की तरफ बढ़ती जा रही थी.
अंतिम दो ओवरों में ऑस्ट्रेलिया को महज़ 16 रन चाहिए थे और उसके पांच बल्लेबाज़ बाकी थे.
मैच का 19वां ओवर डालने आए दुनिया के सबसे बेहतरीन टी20 गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह.
बुमराह ने अपने नाम के मुताबिक गेंदबाज़ी की और सटीक यॉर्कर डालकर कंगारू बल्लेबाज़ों में महज दो रन बनाने दिए. इसके साथ ही बुमराह ने इस ओवर में दो विकेट भी झटके.
19वां ओवर खत्म होने के बाद मैच भारत की तरफ आ चुका था. अब ऑस्ट्रेलिया को आखिरी ओवर में 14 रन बनाने थे और दो नए बल्लेबाज़ क्रीज़ पर मौजूद थे.
लेकिन अंतिम ओवर डालने आए उमेश यादव 14 रन बचा पाने में नाकामयाब रहे. उनके ओवर में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने दो चौके मारे और जीत हासिल की.
उमेश के इस ओवर के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट डाले गए. इन तमाम पोस्ट में उमेश यादव को ही हार का ज़िम्मेदार ठहराया गया.
कई पोस्ट में लोगों ने लिखा कि जसप्रीत बुमराह की पूरी मेहनत को उमेश यादव ने खराब कर दिया.
ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि इस हार के बाद जसप्रीत बुमराह का क्या सोच रहे थे और उमेश यादव के उस आखिरी ओवर के बारे में उनका क्या सोचना था.
मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए बुमराह ने उमेश के आखिरी ओवर का ज़िक्र किया.
''इस तरह के करीबी मुक़ाबलों में आखिरी ओवर डालना कभी आसान नहीं होता, क्योंकि आपको मालूम नहीं होता की ओवर के बाद मैच में कौन जीतेगा और कौन हारेगा. हां, हम मैच जीतना चाहते थे, लेकिन आखिरी ओवर डालना किसी भी गेंदबाज़ के लिए आसान नहीं होता.''
इस मैच में बुमराह ने अपने चार ओवर में सिर्फ़ 16 रन दिए और तीन विकेट झटके.जबकि उमेश यादव ने चार ओवर में 35 रन खर्च किए और उन्हें एक भी सफलता हाथ नहीं लगी.
आखिरी ओवर के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की धड़कने भी ऊपर-नीचे हो रही थीं. इस दौरान डगआउट में बैठे जेम्स मैक्सवेल क्या सोच रहे थे, इस बारे में उन्होंने बताया.
''जब आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे तो मैंने फ़िंच से कहा कि हमारी टीम में ऐसा करने के लिए सबसे बेहतरीन खिलाड़ी पैट कमिंस ही है, उन्होंने कई बार इस तरह से जीत दिलाई है. ऐसे मौक़ों पर वो अपना दिमाग बहुत ही ठंडा रखते हैं.''
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी कुछ कमाल नहीं कर सकी. टीम में वापसी कर रहे के एल राहुल ने अर्धशतक ज़रूर जमाया लेकिन वह टीम को बड़े स्कोर तक नहीं ले जा सके.
वहीं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टिककर बल्लेबाज़ी की लेकिन उनका स्ट्राइक रेट इतना धीमा रहा कि उस पर भी कई सवाल उठाए गए.
धोनी ने 37 गेंदों का सामना किया और 29 रन बनाए. इस पारी में उन्होंने सिर्फ़ एक छक्का लगाया जोकि भारतीय पारी के अंतिम ओवर में आया.
धोनी की बल्लेबाज़ी पर बुमराह ने कहा कि वे मैच को अंत तक ले जाने में विश्वास रखते हैं.
बुमराह ने कहा, ''मैच के जिस हालात में धोनी बैटिंग कर रहे थे वो आसान नहीं थी. गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी. धोनी पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे और वे हमेशा मैच को अंत तक ले जाने में विश्वास रखते हैं. हां, अगर टीम के स्कोर में 15-20 रन और होते तो मैच का नतीजा बदल सकता था.''
Tuesday, February 26, 2019
Wednesday, February 20, 2019
कश्मीर घूमने ना जाएँ, कश्मीर की हर एक चीज़ का करें बहिष्कारः तथागत रॉय
मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने पुलवामा हमले के बाद कश्मीर के लोगों और कश्मीर का बहिष्कार करने की अपील की है.
त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके तथागत रॉय अपने बयानों के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं.
अब उन्होंने एक पूर्व फ़ौजी की बात का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है, ''भारतीय सेना के एक रिटायर्ड कर्नल ने अपील की है, 'अगले दो साल तक कश्मीर घूमने ना आएं, अमरनाथ यात्रा पर भी ना आएं. सर्दियों में आने वाले कश्मीरियों से सामान ना खरीदें. कश्मीर की हर एक चीज़ का बहिष्कार करें.' मैं इस बात से सहमत हूं.''
तथागत रॉय ने ट्वीट कर कश्मीरियों का बहिष्कार करने की बात कही है. वे सिर्फ़ कश्मीरियों के बहिष्कार तक ही सीमित नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने कश्मीर घूमने और अमरनाथ यात्रा तक के बहिष्कार की बात कही है.
तथागत रॉय ने रिटायर्ड मेजर और इस समय रिपब्लिक टीवी के साथ जुड़े मेजर गौरव आर्य के एक ट्वीट को भी रीट्वीट किया है.
मेजर गौरव आर्य ने ट्वीट किया था, ''भारतीय सेना अगर अपने हथियारों का सही से इस्तेमाल करे तो कश्मीर में होने वाले नुक़सान को कम किया जा सकता है. हालांकि राजनीतिक तौर पर हमें आश्वस्त किया गया है कि हम अपने लोगों के बीच काम कर रहे हैं और हमें संयमित रहना चाहिए.''
इस ट्वीट के रीट्वीट में तथागत रॉय ने लिखा है, ''पाकिस्तान की सेना (जो कश्मीरी अलगाववादियों को निर्देश देती है) 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में थी. वहां पाकिस्तानी सैनिकों ने हरतरफ़ बलात्कार और हत्याएं की. भारत ने मारा नहीं होता तो पूर्वी पाकिस्तान उसी के पास रह जाता. मैं यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि हम उतनी दूर जाएं. लेकिन कम से कम कुछ दूरी तो तय करें?"
कश्मीर के बहिष्कार पर तथागत रॉय के बयान के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई अन्य लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई है.
उमर अबदुल्ला ने ट्वीट किया है, ''ये कट्टरपंथी विचार ही कश्मीर को रसातल में ले जा रहे हैं. और तथागत अगर आप ऐसा चाह ही रहे हैं तो आप कश्मीर से निकलने वाली नदियों के पानी को क्यों नहीं रोक देते जिससे आप बिजली पैदा करते हैं?''
द हिंदू की पत्रकार सुहासिनी हैदर ने ट्वीट किया, ''ऐसा लगता है कि मेघालय के गवर्नर ने भारतीय संविधान की धारा 159 के तहत जो शपथ ली है उसका उल्लंघन किया है. राष्ट्रपति को इसका संज्ञान लेना चाहिए.''
तथागत रॉय के इस ट्वीट की जब कई लोगों ने आलोचना शुरू कर दी तो तथागत ने इसके जवाब में एक और ट्वीट किया.
उन्होंने लिखा, ''रिटायर्ड कर्नल के सुझाव से सहमति जताने पर मीडिया और अन्य जगहों पर काफी कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है. मगर जिस तरह से साढे तीन लाख कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला गया और हमारे सैकड़ों जवानों को मारा गया, उसके जवाब में तो यह सुझाव पूरी तरह से अहिंसक प्रतिक्रिया है.''
पुलवामा में 14 फ़रवरी को हुए हमले में सीआरपीएफ़ के कम से कम 40 जवान मारे गए थे. इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली.
बताया गया कि इस आत्मघाती हमले को 21 साल के कश्मीरी युवक आदिल अहमद ने अंजाम दिया था.
पुलवामा के पास ही गंडीबाग के रहने वाले आदिल एक साल पहले ही जैश ए मोहम्मद में शामिल हुए थे.
यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कश्मीरी छात्रों पर लोगों का गुस्सा निकलने की ख़बरें सुनने को मिल रही हैं.
भारतीय सेना ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कश्मीर की सभी माताओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपने भटके बेटों को बुलाकर सरेंडर करवा लें नहीं तो मारे जाएंगे.
मंगलवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी एक वीडियो जारी कर कहा कि अगर भारत हमला करेगा तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा.
त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके तथागत रॉय अपने बयानों के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं.
अब उन्होंने एक पूर्व फ़ौजी की बात का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है, ''भारतीय सेना के एक रिटायर्ड कर्नल ने अपील की है, 'अगले दो साल तक कश्मीर घूमने ना आएं, अमरनाथ यात्रा पर भी ना आएं. सर्दियों में आने वाले कश्मीरियों से सामान ना खरीदें. कश्मीर की हर एक चीज़ का बहिष्कार करें.' मैं इस बात से सहमत हूं.''
तथागत रॉय ने ट्वीट कर कश्मीरियों का बहिष्कार करने की बात कही है. वे सिर्फ़ कश्मीरियों के बहिष्कार तक ही सीमित नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने कश्मीर घूमने और अमरनाथ यात्रा तक के बहिष्कार की बात कही है.
तथागत रॉय ने रिटायर्ड मेजर और इस समय रिपब्लिक टीवी के साथ जुड़े मेजर गौरव आर्य के एक ट्वीट को भी रीट्वीट किया है.
मेजर गौरव आर्य ने ट्वीट किया था, ''भारतीय सेना अगर अपने हथियारों का सही से इस्तेमाल करे तो कश्मीर में होने वाले नुक़सान को कम किया जा सकता है. हालांकि राजनीतिक तौर पर हमें आश्वस्त किया गया है कि हम अपने लोगों के बीच काम कर रहे हैं और हमें संयमित रहना चाहिए.''
इस ट्वीट के रीट्वीट में तथागत रॉय ने लिखा है, ''पाकिस्तान की सेना (जो कश्मीरी अलगाववादियों को निर्देश देती है) 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में थी. वहां पाकिस्तानी सैनिकों ने हरतरफ़ बलात्कार और हत्याएं की. भारत ने मारा नहीं होता तो पूर्वी पाकिस्तान उसी के पास रह जाता. मैं यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि हम उतनी दूर जाएं. लेकिन कम से कम कुछ दूरी तो तय करें?"
कश्मीर के बहिष्कार पर तथागत रॉय के बयान के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई अन्य लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई है.
उमर अबदुल्ला ने ट्वीट किया है, ''ये कट्टरपंथी विचार ही कश्मीर को रसातल में ले जा रहे हैं. और तथागत अगर आप ऐसा चाह ही रहे हैं तो आप कश्मीर से निकलने वाली नदियों के पानी को क्यों नहीं रोक देते जिससे आप बिजली पैदा करते हैं?''
द हिंदू की पत्रकार सुहासिनी हैदर ने ट्वीट किया, ''ऐसा लगता है कि मेघालय के गवर्नर ने भारतीय संविधान की धारा 159 के तहत जो शपथ ली है उसका उल्लंघन किया है. राष्ट्रपति को इसका संज्ञान लेना चाहिए.''
तथागत रॉय के इस ट्वीट की जब कई लोगों ने आलोचना शुरू कर दी तो तथागत ने इसके जवाब में एक और ट्वीट किया.
उन्होंने लिखा, ''रिटायर्ड कर्नल के सुझाव से सहमति जताने पर मीडिया और अन्य जगहों पर काफी कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है. मगर जिस तरह से साढे तीन लाख कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाला गया और हमारे सैकड़ों जवानों को मारा गया, उसके जवाब में तो यह सुझाव पूरी तरह से अहिंसक प्रतिक्रिया है.''
पुलवामा में 14 फ़रवरी को हुए हमले में सीआरपीएफ़ के कम से कम 40 जवान मारे गए थे. इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली.
बताया गया कि इस आत्मघाती हमले को 21 साल के कश्मीरी युवक आदिल अहमद ने अंजाम दिया था.
पुलवामा के पास ही गंडीबाग के रहने वाले आदिल एक साल पहले ही जैश ए मोहम्मद में शामिल हुए थे.
यही वजह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कश्मीरी छात्रों पर लोगों का गुस्सा निकलने की ख़बरें सुनने को मिल रही हैं.
भारतीय सेना ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कश्मीर की सभी माताओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपने भटके बेटों को बुलाकर सरेंडर करवा लें नहीं तो मारे जाएंगे.
मंगलवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी एक वीडियो जारी कर कहा कि अगर भारत हमला करेगा तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा.
Thursday, February 14, 2019
मुझे भगोड़ा कहने वाले मोदी बैंकों को पैसे लेने को क्यों नहीं कहते; मैं लौटाने को तैयार हूं: माल्या
नई दिल्ली. भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (62) ने ट्वीट कर सवाल उठाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंकों को यह निर्देश क्यों नहीं देते कि वो मेरा पैसा लौटाने का प्रस्ताव स्वीकार करें। ताकि, जनता की उस रकम की रिकवरी हो सके जो किंगफिशर को लोन के तौर पर दी गई थी।
माल्या ने गुरूवार को 4 ट्वीट किए। उसने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के बुधवार के भाषण का जिक्र किया है। माल्या का कहना है कि मोदी प्रखर वक्ता हैं। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि एक व्यक्ति 9000 करोड़ रुपए लेकर भाग गया। उन्होंने मीडिया को यह मुद्दा दिया। मैं समझता हूं कि उनका इशारा मेरी तरफ ही था।
माल्या ने दोहराया कि उसने कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था। इसे नकारा नहीं जा सकता। यह गंभीर और ईमानदार कोशिश थी। गेंद अब दूसरे पाले में है। किंगफिशर को दी गई रकम बैंक वापस क्यों नहीं ले रहे।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय का यह दावा है कि मैंने अपनी संपत्ति छिपाई। अगर ऐसा होता तो मैं कोर्ट के सामने 14,000 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा क्यों करता। जनता को गुमराह करना शर्मनाक है।
4 फरवरी को ही ब्रिटिश सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दी है। हालांकि, वो इस फैसले के खिलाफ लंदन के हाईकोर्ट में अपील करेगा। वहां की निचली अदालत ने दिसंबर में ही माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी थी।
माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। वो मार्च 2016 में लंदन भाग गया था। भारत ने पिछले साल फरवरी में यूके से उसके प्रत्यर्पण की अपील की थी।
पिछले दिनों जांच ईडी ने जांच रिपोर्ट में कहा था कि माल्या का कर्ज लौटाने का कोई इरादा नहीं था। वह शुरू से ही लोन का पैसा विदेश भेजने में लगा था।
मार्क जकरबर्ग-प्रिसिला चान दूसरे से 7वें नंबर पर फिसले
फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान की डोनेशन में 89% कमी आई है। 2018 में उन्होंने 1,519.4 करोड़ रुपए की डोनेशन दी। वो दूसरे से 7वें नंबर पर फिसल गए हैं। 2017 में उन्होंने 14,200 करोड़ रुपए डोनेट किए थे।
लिस्ट में शामिल सभी 50 अमीरों ने 2018 में कुल 55,380 करोड़ दान में दिए। यह राशि 2017 के मुकाबले लगभग आधी है। उस साल 50 अमीरों ने 1.04 लाख करोड़ रुपए डोनेट किए थे।
जेफ बेजोस पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं और पहली ही बार में नंबर-1 हो गए हैं। उन्होंने पिछले साल लॉन्च किए बेजोस डे-वन फंड के जरिए जरूरतमंदों की मदद की। इससे पहले सामाजिक कार्यों में पीछे रहने की वजह से बेजोस को काफी निंदा झेलनी पड़ी थी।
बेजोस की नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए
जेफ बेजोस लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े अमीर बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए है।
डायरी में हर व्यक्ति का नाम नोट कर रहीं
प्रियंका नेताओं से खुशमिजाज तरीके से मिल रही हैं। उनके चेहरे पर कोई तनाव दिखने की बजाय मुस्कराहट रहती है। जिस भी नेता की बातचीत में प्रियंका को दम लग रहा है, उसका नाम वे अपनी पर्सनल डायरी में नोट कर रही हैं। वे संगठन और प्रत्याशी के बीच कांग्रेस को और मजबूत करने को लेकर चर्चा कर रही हैं।
माल्या ने गुरूवार को 4 ट्वीट किए। उसने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के बुधवार के भाषण का जिक्र किया है। माल्या का कहना है कि मोदी प्रखर वक्ता हैं। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि एक व्यक्ति 9000 करोड़ रुपए लेकर भाग गया। उन्होंने मीडिया को यह मुद्दा दिया। मैं समझता हूं कि उनका इशारा मेरी तरफ ही था।
माल्या ने दोहराया कि उसने कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था। इसे नकारा नहीं जा सकता। यह गंभीर और ईमानदार कोशिश थी। गेंद अब दूसरे पाले में है। किंगफिशर को दी गई रकम बैंक वापस क्यों नहीं ले रहे।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय का यह दावा है कि मैंने अपनी संपत्ति छिपाई। अगर ऐसा होता तो मैं कोर्ट के सामने 14,000 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा क्यों करता। जनता को गुमराह करना शर्मनाक है।
4 फरवरी को ही ब्रिटिश सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दी है। हालांकि, वो इस फैसले के खिलाफ लंदन के हाईकोर्ट में अपील करेगा। वहां की निचली अदालत ने दिसंबर में ही माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी थी।
माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। वो मार्च 2016 में लंदन भाग गया था। भारत ने पिछले साल फरवरी में यूके से उसके प्रत्यर्पण की अपील की थी।
पिछले दिनों जांच ईडी ने जांच रिपोर्ट में कहा था कि माल्या का कर्ज लौटाने का कोई इरादा नहीं था। वह शुरू से ही लोन का पैसा विदेश भेजने में लगा था।
मार्क जकरबर्ग-प्रिसिला चान दूसरे से 7वें नंबर पर फिसले
फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान की डोनेशन में 89% कमी आई है। 2018 में उन्होंने 1,519.4 करोड़ रुपए की डोनेशन दी। वो दूसरे से 7वें नंबर पर फिसल गए हैं। 2017 में उन्होंने 14,200 करोड़ रुपए डोनेट किए थे।
लिस्ट में शामिल सभी 50 अमीरों ने 2018 में कुल 55,380 करोड़ दान में दिए। यह राशि 2017 के मुकाबले लगभग आधी है। उस साल 50 अमीरों ने 1.04 लाख करोड़ रुपए डोनेट किए थे।
जेफ बेजोस पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं और पहली ही बार में नंबर-1 हो गए हैं। उन्होंने पिछले साल लॉन्च किए बेजोस डे-वन फंड के जरिए जरूरतमंदों की मदद की। इससे पहले सामाजिक कार्यों में पीछे रहने की वजह से बेजोस को काफी निंदा झेलनी पड़ी थी।
बेजोस की नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए
जेफ बेजोस लंबे समय से दुनिया के सबसे बड़े अमीर बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ 9.65 लाख करोड़ रुपए है।
डायरी में हर व्यक्ति का नाम नोट कर रहीं
प्रियंका नेताओं से खुशमिजाज तरीके से मिल रही हैं। उनके चेहरे पर कोई तनाव दिखने की बजाय मुस्कराहट रहती है। जिस भी नेता की बातचीत में प्रियंका को दम लग रहा है, उसका नाम वे अपनी पर्सनल डायरी में नोट कर रही हैं। वे संगठन और प्रत्याशी के बीच कांग्रेस को और मजबूत करने को लेकर चर्चा कर रही हैं।
Thursday, February 7, 2019
2 घंटे तक ईडी ने वाड्रा से की पूछताछ, अब जयपुर में होना होगा पेश
मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा आज एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. रॉबर्ट वाड्रा को सुबह 10.30 बजे ईडी के दफ्तर पहुंचना था, लेकिन वह 11.25 बजे ईडी दफ्तर पहुंचे. रॉबर्ट वाड्रा से करीब 2 घंटे तक पूछताछ हुई. ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा को जयपुर में पेश होने को कहा है. वाड्रा का ईडी के जयपुर दफ्तर में 12 फरवरी को पेश होना होगा.
इससे पहले वह बुधवार को भी पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचे थे, जहां करीब 6 घंटे ईडी के अधिकारियों ने उनसे कई सवाल पूछे. बुधवार शाम चार बजे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने पति रॉबर्ट वाड्रा को ईडी दफ्तर छोड़ने पहुंची थीं.
ईडी सूत्रों की मानें तो रॉबर्ट वाड्रा ने संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा को ईमेल किए थे. सुमित चड्ढा ने भी संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को जवाब दिया था. जिसके जवाब में रॉबर्ट वाड्रा ने प्रॉपर्टी को लेकिर निर्देश दिए थे. ईडी का दावा कि उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा के सभी ईमेल को ट्रैक किया है.
तीन अफसरों की टीम कर रही है पूछताछ
दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से मोहलत दी थी, लेकिन साथ ही ईडी के सवालों का सामना करने को कहा था. ईडी के 3 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम रॉबर्ट वाड्रा से इस मामले में पूछताछ कर रही है, जिसका नेतृत्व डिप्टी डायरेक्टर राजीव शर्मा कर रहे हैं. रॉबर्ट वाड्रा बुधवार जब ईडी दफ्तर पहुंचे तो प्रियंका गांधी उनके साथ थीं. हालांकि, वह उन्हें छोड़ वापस ईडी दफ्तर से चली गई थीं.
इसके बाद जब पूछताछ शुरू हुई तो वाड्रा ने कहा कि वह अपना पढ़ने वाला चश्मा नहीं लाए है, जिस कारण पूछताछ में देरी हुई. ईडी ने करीब 6 घंटे तक उनसे सवाल पूछे और गुरुवार को फिर पेश होने को कहा.
पहले दिन पूछे गए ये सवाल
पहले दिन की पूछताछ में रॉबर्ट वाड्रा से उनके मनोज अरोड़ा, सुमित चड्ढा, सी. थांपी और संजय भंडारी के साथ संबंधों पर बात की गई. इसके अलावा लंदन की प्रॉपर्टी पर भी वाड्रा से सवाल-जवाब हुए. वाड्रा ने इस दौरान लंदन में संपत्ति होने की बात तो ठुकराई लेकिन मनोज अरोड़ा के बारे में कहा कि वह उन्हें जानते हैं, लेकिन अरोड़ा ने कभी उनके लिए मेल नहीं किया.
गौरतलब है कि बुधवार को रॉबर्ट वाड्रा के ईडी में पेश होने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने उनपर हमला तेज कर दिया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रॉबर्ट वाड्रा को अपराधी बताया और लंदन-दिल्ली में प्रॉपर्टी को लेकर निशाना साधा. बीजेपी नेता ने दावा किया कि ये संपत्ति वाड्रा ने अवैध तरीके से कमीशन में ली हैं.
इसके अलावा बीजेपी ने दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर लगे रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को पोस्टरों को लेकर भी निशाना साधा. दूसरी ओर, प्रियंका गांधी ने भी ईडी की पूछताछ पर कहा कि वह अपने पति के साथ खड़ी हैं.
आपको बता दें कि ये मामला 19 लाख पाउंड की अघोषित विदेशी संपत्ति का है. ED ने भगोड़े हथियार व्यापारी संजय भंडारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जिसके बाद PMLA कानून के तहत रॉबर्ट वाड्रा को भी पेशी के लिए बुलाया गया.
इससे पहले वह बुधवार को भी पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचे थे, जहां करीब 6 घंटे ईडी के अधिकारियों ने उनसे कई सवाल पूछे. बुधवार शाम चार बजे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने पति रॉबर्ट वाड्रा को ईडी दफ्तर छोड़ने पहुंची थीं.
ईडी सूत्रों की मानें तो रॉबर्ट वाड्रा ने संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा को ईमेल किए थे. सुमित चड्ढा ने भी संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को जवाब दिया था. जिसके जवाब में रॉबर्ट वाड्रा ने प्रॉपर्टी को लेकिर निर्देश दिए थे. ईडी का दावा कि उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा के सभी ईमेल को ट्रैक किया है.
तीन अफसरों की टीम कर रही है पूछताछ
दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से मोहलत दी थी, लेकिन साथ ही ईडी के सवालों का सामना करने को कहा था. ईडी के 3 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम रॉबर्ट वाड्रा से इस मामले में पूछताछ कर रही है, जिसका नेतृत्व डिप्टी डायरेक्टर राजीव शर्मा कर रहे हैं. रॉबर्ट वाड्रा बुधवार जब ईडी दफ्तर पहुंचे तो प्रियंका गांधी उनके साथ थीं. हालांकि, वह उन्हें छोड़ वापस ईडी दफ्तर से चली गई थीं.
इसके बाद जब पूछताछ शुरू हुई तो वाड्रा ने कहा कि वह अपना पढ़ने वाला चश्मा नहीं लाए है, जिस कारण पूछताछ में देरी हुई. ईडी ने करीब 6 घंटे तक उनसे सवाल पूछे और गुरुवार को फिर पेश होने को कहा.
पहले दिन पूछे गए ये सवाल
पहले दिन की पूछताछ में रॉबर्ट वाड्रा से उनके मनोज अरोड़ा, सुमित चड्ढा, सी. थांपी और संजय भंडारी के साथ संबंधों पर बात की गई. इसके अलावा लंदन की प्रॉपर्टी पर भी वाड्रा से सवाल-जवाब हुए. वाड्रा ने इस दौरान लंदन में संपत्ति होने की बात तो ठुकराई लेकिन मनोज अरोड़ा के बारे में कहा कि वह उन्हें जानते हैं, लेकिन अरोड़ा ने कभी उनके लिए मेल नहीं किया.
गौरतलब है कि बुधवार को रॉबर्ट वाड्रा के ईडी में पेश होने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने उनपर हमला तेज कर दिया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रॉबर्ट वाड्रा को अपराधी बताया और लंदन-दिल्ली में प्रॉपर्टी को लेकर निशाना साधा. बीजेपी नेता ने दावा किया कि ये संपत्ति वाड्रा ने अवैध तरीके से कमीशन में ली हैं.
इसके अलावा बीजेपी ने दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर लगे रॉबर्ट वाड्रा, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को पोस्टरों को लेकर भी निशाना साधा. दूसरी ओर, प्रियंका गांधी ने भी ईडी की पूछताछ पर कहा कि वह अपने पति के साथ खड़ी हैं.
आपको बता दें कि ये मामला 19 लाख पाउंड की अघोषित विदेशी संपत्ति का है. ED ने भगोड़े हथियार व्यापारी संजय भंडारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जिसके बाद PMLA कानून के तहत रॉबर्ट वाड्रा को भी पेशी के लिए बुलाया गया.
Thursday, January 24, 2019
खत्म हुआ इंतजार, सलमान खान की सबसे बड़ी फिल्म भारत का टीजर रिलीज
अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी सलमान खान की महत्वाकांक्षी फिल्म भारत का टीजर रिलीज हो गया है. भारत इसी साल ईद के मौक पर रिलीज की जाएगी. वैसे टीजर से पहले ही सेट से सितारों के कुछ लुक्स सामने आए थे जो काफी वायरल भी हुए. फिल्म में सलमान खान कई किरदारों में नजर आएंगे. सलमान खान के साथ कटरीना कैफ, सुनील ग्रोवर, दिशा पाटनी भी अहम भूमिकाओं में हैं. भारत कोरियन मूवी ''ओड टू माई फादर'' पर आधारित बताई जा रही है.
टीजर में सलमान की दमदार डायलॉग के साथ धमाकेदार एंट्री दिखाई गई है. वे रॉकस्टार लुक में नजर आ रहे हैं. बाइक से सलमान खान एंट्री करते नजर आ रहे हैं. टीजर में एक्टर को कई लुक्स में दिखाया गया. वे माइनर, स्टंटमैन, नेवी ऑफिसर, बॉक्सर और मिडिल एज शख्स के लुक में नजर आते हैं. सलमान के कैरेक्टर का नाम भारत है. टीजर में दबंग खान को ही प्राथमिकता दी गई है. 1 मिनट 26 सेकंड का टीजर प्रभावी है, लेकिन इसमें कटरीना, दिशा पाटनी, सुनील ग्रोवर या दूसरे कलाकार नजर नहीं आते.
टीजर में सलमान की आवाज में एक दमदार सवांद भी है. सलमान कहते हैं, "अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि मेरा सर नेम क्या है, जाति क्या है, धर्म क्या है. और मैं उनसे मुस्कुराकर कहता हूं कि इस देश के नाम पे मेरे बाबूजी ने मेरा नाम भारत रखा है. अब इतने बड़े नाम के आगे जाति, धर्म, सरनेम लगा के न तो अपना न इस देश का मान कम कर सकता हूं."
छोटे से टीजर में सलमान का जबरदस्त अवतार नजर आता है. टीजर का बैकग्राउंड स्कोर लाजवाब है. सलमान की आवाज, बैकग्राउंड स्कोर और इस पर जो सीन्स बुने गए हैं वो बेहद प्रभावी हैं. भारत में ऑडियंस को जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है. टीजर के आधार पर कहा जा सकता है कि फिल्म देशभक्ति के जज्बे और मनोरंजन के मसाले से भरपूर है.
पहली बार किसी फिल्म में सलमान खान के कई शेड्स देखने को मिलेंगे. इससे पहले सलमान ने जुड़वा में डबल रोल किया था. उनका एक किरदार सीधा सादा जबकि दूसरा टपोरी किस्म का था. जुड़वा बॉक्स ऑफिस की बड़ी हिट थी, जिसे डेविड धवन ने बनाया था.
दबंग खान के फैंस के लिए ये फिल्म ईद का नायाब तोहफा कही जा है. सोशल मीडिया पर भी भारत के टीजर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. बता दें, मूवी में पहले कटरीना कैफ की जगह प्रियंका चोपड़ा को लिया गया था. लेकिन निक जोनस संग शादी की व्यस्तता के चलते प्रियंका ने फिल्म छोड़ दी थी. जिसके बाद कटरीना कैफ को साइन किया गया.
किशनलाल पढ़े लिखे नहीं थे. उनके घर के दरवाज़े पर शिक्षित भारत का स्टिकर लगा हुआ था. इस शिक्षित भारत स्टिकर की संभावनाएं किशनलाल के बच्चों की आंसू वाली आंखों में तब नज़र आती है, जब वो कहते हैं, ''पापा चाहते थे हम उनकी तरह कभी न बनें. पापा हमें खूब पढ़ने के लिए कहते थे, वो चाहते थे कि हम भाई-बहन उनके जैसा काम न करें और एक दिन बड़ा अफ़सर बनें.''
किशनलाल की पत्नी इंदु देवी अपने तीन बच्चों और पड़ोस की औरतों के साथ लगभग 6x8 की झुग्गी में बैठी हुई थीं. इस परिवार में कमाई का इकलौता ज़रिया रहे किशनलाल के दुनिया से जाने का दुख इस छोटी झुग्गी में ज़्यादा बड़ा जान पड़ता है. ग़रीबी, लाचारी, अपने की मौत का दुख और भविष्य की चिंता.
2019 के भारत में किसी आदमी की नाले साफ़ करते हुए जान चली गई. ये सोचकर प्यासा फ़िल्म में साहिर लुधयानिवी का लिखा गाना याद आता है- ज़रा इस मुल्क के रहबरों को बुलाओ, ये कूचे ये गलियां ये मंज़र दिखाओ. जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ. जिन्हें नाज़ है हिंद पर वो कहां हैं...कहां हैं...कहां हैं. कहां हैं?
टीजर में सलमान की दमदार डायलॉग के साथ धमाकेदार एंट्री दिखाई गई है. वे रॉकस्टार लुक में नजर आ रहे हैं. बाइक से सलमान खान एंट्री करते नजर आ रहे हैं. टीजर में एक्टर को कई लुक्स में दिखाया गया. वे माइनर, स्टंटमैन, नेवी ऑफिसर, बॉक्सर और मिडिल एज शख्स के लुक में नजर आते हैं. सलमान के कैरेक्टर का नाम भारत है. टीजर में दबंग खान को ही प्राथमिकता दी गई है. 1 मिनट 26 सेकंड का टीजर प्रभावी है, लेकिन इसमें कटरीना, दिशा पाटनी, सुनील ग्रोवर या दूसरे कलाकार नजर नहीं आते.
टीजर में सलमान की आवाज में एक दमदार सवांद भी है. सलमान कहते हैं, "अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि मेरा सर नेम क्या है, जाति क्या है, धर्म क्या है. और मैं उनसे मुस्कुराकर कहता हूं कि इस देश के नाम पे मेरे बाबूजी ने मेरा नाम भारत रखा है. अब इतने बड़े नाम के आगे जाति, धर्म, सरनेम लगा के न तो अपना न इस देश का मान कम कर सकता हूं."
छोटे से टीजर में सलमान का जबरदस्त अवतार नजर आता है. टीजर का बैकग्राउंड स्कोर लाजवाब है. सलमान की आवाज, बैकग्राउंड स्कोर और इस पर जो सीन्स बुने गए हैं वो बेहद प्रभावी हैं. भारत में ऑडियंस को जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है. टीजर के आधार पर कहा जा सकता है कि फिल्म देशभक्ति के जज्बे और मनोरंजन के मसाले से भरपूर है.
पहली बार किसी फिल्म में सलमान खान के कई शेड्स देखने को मिलेंगे. इससे पहले सलमान ने जुड़वा में डबल रोल किया था. उनका एक किरदार सीधा सादा जबकि दूसरा टपोरी किस्म का था. जुड़वा बॉक्स ऑफिस की बड़ी हिट थी, जिसे डेविड धवन ने बनाया था.
दबंग खान के फैंस के लिए ये फिल्म ईद का नायाब तोहफा कही जा है. सोशल मीडिया पर भी भारत के टीजर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. बता दें, मूवी में पहले कटरीना कैफ की जगह प्रियंका चोपड़ा को लिया गया था. लेकिन निक जोनस संग शादी की व्यस्तता के चलते प्रियंका ने फिल्म छोड़ दी थी. जिसके बाद कटरीना कैफ को साइन किया गया.
किशनलाल पढ़े लिखे नहीं थे. उनके घर के दरवाज़े पर शिक्षित भारत का स्टिकर लगा हुआ था. इस शिक्षित भारत स्टिकर की संभावनाएं किशनलाल के बच्चों की आंसू वाली आंखों में तब नज़र आती है, जब वो कहते हैं, ''पापा चाहते थे हम उनकी तरह कभी न बनें. पापा हमें खूब पढ़ने के लिए कहते थे, वो चाहते थे कि हम भाई-बहन उनके जैसा काम न करें और एक दिन बड़ा अफ़सर बनें.''
किशनलाल की पत्नी इंदु देवी अपने तीन बच्चों और पड़ोस की औरतों के साथ लगभग 6x8 की झुग्गी में बैठी हुई थीं. इस परिवार में कमाई का इकलौता ज़रिया रहे किशनलाल के दुनिया से जाने का दुख इस छोटी झुग्गी में ज़्यादा बड़ा जान पड़ता है. ग़रीबी, लाचारी, अपने की मौत का दुख और भविष्य की चिंता.
2019 के भारत में किसी आदमी की नाले साफ़ करते हुए जान चली गई. ये सोचकर प्यासा फ़िल्म में साहिर लुधयानिवी का लिखा गाना याद आता है- ज़रा इस मुल्क के रहबरों को बुलाओ, ये कूचे ये गलियां ये मंज़र दिखाओ. जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ. जिन्हें नाज़ है हिंद पर वो कहां हैं...कहां हैं...कहां हैं. कहां हैं?
Thursday, January 17, 2019
BJP के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) रामलाल की तबियत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है, शुरुआती जानकारी के मुताबिक उन्हें काफी तेज बुखार की बात सामने आई है. फिलहाल, नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में उनका इलाज जारी है.
बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू की शिकायत के चलते बुधवार को ही दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है. उनका भी इलाज एम्स में जारी है.
गौरतलब है कि हाल के वक्त में बीजेपी नेताओं की सेहत में गिरावट और बीमारी की चपेट में आने के मामले लगातार सामने आए हैं. इनमें ज्यादातर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं.
इन नेताओं में रामलाल और अमित शाह के अलावा गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद और नितिन गडकरी शामिल हैं. मनोहर पर्रिकर कैंसर से जूझ रहे हैं. वहीं, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का किडनी ट्रांसप्लांट कियाजा चुका है. बीते दिनों नितिन गडकरी शुगर का स्तर लो होने के कारण बेहोश हो गए थे.
बीते मंगलवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को सीने में दर्द के कारण एम्स में ही एडमिट कराया गया था. इसके अलावा बीमारी के कारण पिछले साल केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया था.
रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को सांस लेने वाली नली में दिक्कत के बाद बीते सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया था. बुधवार को प्रसाद को एम्स के आईसीयू से प्राइवेट वार्ड ट्रांसफर किया गया है. उनकी हालत में सुधार के बाद गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
मनोहर पर्रिकर
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर कैंसर से जंग लड़ रहे हैं. पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं. पर्रिकर ने साल 2018 की शुरुआत में करीब तीन महीने तक अमेरिका में इलाज कराया था. इसके बाद दिल्ली के एम्स में भी उनका इलाज चला था. वह करीब 11 महीने सेबीमार चल रहे हैं. नए साल के पहले दिन वह ड्रिप लगाकर सचिवालय पहुंचे थे.
अरुण जेटली
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की सेहत कुछ ठीक नहीं है. अप्रैल, 2018 में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां वह डायलसिस पर थे और बाद में 14 मई, 2018 को उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. इस दौरान जेटली की गैरमौजूदगी में वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारीरेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी.
इससे पहले सितंबर, 2014 में जेटली ने वजन कम करने वाली बैरियाट्रिक सर्जरी कराई थी. उन्होंने यह सर्जरी दिल्ली के मैक्स अस्पताल में कराई थी, लेकिन कुछ जटिलताओं की वजह से बाद में उन्हें एम्स में भर्ती कर दिया गया था. कुछ साल पहले वह हॉर्ट की भी सर्जरी करा चुकेहैं.
सुषमा स्वराज
केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी खराब सेहत के कारण आगामी चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. दरअसल, साल 2016 में खराब तबीयत के कारण सुषमा को एम्स में एडमिट होना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट करके सबको चौंका दिया था. इस ट्वीट में उन्होंने कहाथा कि उनकी किडनी फेल हो गई है और वह डायलिसिस पर हैं. बाद में उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई. इसके बाद से सुषमा सार्वजनिक मंचों पर कम ही नजर आती हैं.
नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की भी तबीयत खराब चल रही है. पिछले महीने वह एक कार्यक्रम के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े थे. उनका शुगर लेवल लो हो गया था. इससे पहले वह दिल्ली में संसद मार्च के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े थे. इस दौरान वह बीजेपी के राष्ट्रीयअध्यक्ष थे.
अनंत कुमार
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रहे अनंत कुमार का नवंबर में निधन हो गया था. दरअसल, 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अनंत कुमार बीमार थे. चुनाव खत्म होते ही, जब उन्होंने डॉक्टरों से इलाज कराया तो पता चला कि उन्हें फेफड़ों का कैंसर है. इसकेसात महीने के बाद उनकी मौत हो गई थी.
बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को स्वाइन फ्लू की शिकायत के चलते बुधवार को ही दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है. उनका भी इलाज एम्स में जारी है.
गौरतलब है कि हाल के वक्त में बीजेपी नेताओं की सेहत में गिरावट और बीमारी की चपेट में आने के मामले लगातार सामने आए हैं. इनमें ज्यादातर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं.
इन नेताओं में रामलाल और अमित शाह के अलावा गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद और नितिन गडकरी शामिल हैं. मनोहर पर्रिकर कैंसर से जूझ रहे हैं. वहीं, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का किडनी ट्रांसप्लांट कियाजा चुका है. बीते दिनों नितिन गडकरी शुगर का स्तर लो होने के कारण बेहोश हो गए थे.
बीते मंगलवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को सीने में दर्द के कारण एम्स में ही एडमिट कराया गया था. इसके अलावा बीमारी के कारण पिछले साल केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया था.
रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को सांस लेने वाली नली में दिक्कत के बाद बीते सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया था. बुधवार को प्रसाद को एम्स के आईसीयू से प्राइवेट वार्ड ट्रांसफर किया गया है. उनकी हालत में सुधार के बाद गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
मनोहर पर्रिकर
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर कैंसर से जंग लड़ रहे हैं. पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं. पर्रिकर ने साल 2018 की शुरुआत में करीब तीन महीने तक अमेरिका में इलाज कराया था. इसके बाद दिल्ली के एम्स में भी उनका इलाज चला था. वह करीब 11 महीने सेबीमार चल रहे हैं. नए साल के पहले दिन वह ड्रिप लगाकर सचिवालय पहुंचे थे.
अरुण जेटली
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की सेहत कुछ ठीक नहीं है. अप्रैल, 2018 में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां वह डायलसिस पर थे और बाद में 14 मई, 2018 को उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था. इस दौरान जेटली की गैरमौजूदगी में वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारीरेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी.
इससे पहले सितंबर, 2014 में जेटली ने वजन कम करने वाली बैरियाट्रिक सर्जरी कराई थी. उन्होंने यह सर्जरी दिल्ली के मैक्स अस्पताल में कराई थी, लेकिन कुछ जटिलताओं की वजह से बाद में उन्हें एम्स में भर्ती कर दिया गया था. कुछ साल पहले वह हॉर्ट की भी सर्जरी करा चुकेहैं.
सुषमा स्वराज
केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी खराब सेहत के कारण आगामी चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. दरअसल, साल 2016 में खराब तबीयत के कारण सुषमा को एम्स में एडमिट होना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट करके सबको चौंका दिया था. इस ट्वीट में उन्होंने कहाथा कि उनकी किडनी फेल हो गई है और वह डायलिसिस पर हैं. बाद में उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई. इसके बाद से सुषमा सार्वजनिक मंचों पर कम ही नजर आती हैं.
नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की भी तबीयत खराब चल रही है. पिछले महीने वह एक कार्यक्रम के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े थे. उनका शुगर लेवल लो हो गया था. इससे पहले वह दिल्ली में संसद मार्च के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े थे. इस दौरान वह बीजेपी के राष्ट्रीयअध्यक्ष थे.
अनंत कुमार
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रहे अनंत कुमार का नवंबर में निधन हो गया था. दरअसल, 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अनंत कुमार बीमार थे. चुनाव खत्म होते ही, जब उन्होंने डॉक्टरों से इलाज कराया तो पता चला कि उन्हें फेफड़ों का कैंसर है. इसकेसात महीने के बाद उनकी मौत हो गई थी.
जम्मू से दिल्ली आ रही दुरंतो एक्सप्रेस में चाकू की नोक पर लूटपाट
जम्मू से दिल्ली आ रही दुरंतो एक्सप्रेस में गुरुवार को अज्ञात लुटेरों ने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया. जब ट्रेन बादली स्टेशन के पास 15 मिनट के लिए सिग्नल न मिलने के कारण रुकी थी. उसी दौरान बदमाशों ने ट्रेन के यात्रियों से नगदी, जूलरी और मोबाइल फोन लूट लिए.
जानकारी के मुताबिक, दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12266) के B3 और B7 में यात्रियों के साथ करीब 3 बजे ये लूट की गई. पीड़ित यात्रियों की शिकायत पर सब्जी मंडी जीआरपी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है.
रेन में यात्रा कर रहे पीड़ित यात्री ने बताया कि आज जब हम दुरंतो एक्सप्रेस( ट्रेन नंबर-12266) में सफर कर रहे थे. इस ट्रेन का केवल सोर्स और डेस्टिनेशन स्टेशन पर ठहराव है. ट्रेन को सुबह 4:20 बजे दिल्ली पहुंचना था. सुबह 3:30 बजे जब ट्रेन दिल्ली के पासकहीं खड़ी हुई तो ट्रैक सिग्नल साफ न होने के कारण ट्रेन को रोका गया था.
अचानक करीब 7 से 10 अज्ञात बदमाशों ने ट्रेन के कोच B3 और B7 में प्रवेश किया. उनके हाथों में तेज धार वाले चाकू थे. बदमाशों ने चाकू को यात्रियों की गर्दन पर रखा और पूछा कि जो भी महंगा सामान वे अपने साथ ले जा रहे हैं उसे सौंप दें. उन्होंने कई पैसेंजरों सेपर्स, नकदी, बैग, सोने की चेन, मोबाइल और कई अन्य सामान लूट लिए. यह घटना 10 से 15 मिनट के भीतर हो गई.
यात्री ने आरोप लगाया कि वारदात के समय न तो स्टाफ और न ही सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद थे. हमने हिम्मत कर ट्रेन अटेंडेंट और टीटी तक पहुंचने की कोशिश की.
अटेंडेंट अपन जगह पर मौजूद नहीं था और वह ट्रेन में कहीं और सो रहा था. हमने टीटी को खोजने की कोशिश की, लेकिन टीटी नहीं मिला. करीब 20 मिनट बाद हम अटेंडेंट को ढूंढ सके.
पीड़ित यात्री के मुताबिक, मैंने 100 नंबर डायल कर पुलिस को मामले की सूचना दी. दिल्ली पुलिस जब पहुंची तब तक ट्रेन स्टेशन पर पहुंच चुकी थी. उन्होंने घटना की एफआईआर दर्ज की है.
यात्री की शिकायत है कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? हम इस ट्रेन के लिए रेलवे की गतिशील किराया नीति के चलते अतिरिक्त किराए का भुगतान करते हैं. और हमें बदले में क्या सुविधा मिल रही है.
यात्री की मानें तो अटेंडेंट ने हमें बताया कि ट्रेन में कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. क्या रेलवे ट्रेनों में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए किसका इंतजार कर रहा है. हम एसी कोचों में भी सुरक्षित नहीं हैं और स्लीपर क्लास और सामान्य कोच में सुरक्षा की उम्मीदकरते हैं.
यात्रियों का सवाल है कि रेलवे हमसे किस बात का महंगा किराया वसूल रहा है. ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हम फ्रिक्रमंद हैं.
वहीं, रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को शुरुआती तौर पर कुछ सुराग हाथ लगे हैं. जिनके आधार पर ट्रेन में लूट आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जानकारी के मुताबिक, दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12266) के B3 और B7 में यात्रियों के साथ करीब 3 बजे ये लूट की गई. पीड़ित यात्रियों की शिकायत पर सब्जी मंडी जीआरपी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है.
रेन में यात्रा कर रहे पीड़ित यात्री ने बताया कि आज जब हम दुरंतो एक्सप्रेस( ट्रेन नंबर-12266) में सफर कर रहे थे. इस ट्रेन का केवल सोर्स और डेस्टिनेशन स्टेशन पर ठहराव है. ट्रेन को सुबह 4:20 बजे दिल्ली पहुंचना था. सुबह 3:30 बजे जब ट्रेन दिल्ली के पासकहीं खड़ी हुई तो ट्रैक सिग्नल साफ न होने के कारण ट्रेन को रोका गया था.
अचानक करीब 7 से 10 अज्ञात बदमाशों ने ट्रेन के कोच B3 और B7 में प्रवेश किया. उनके हाथों में तेज धार वाले चाकू थे. बदमाशों ने चाकू को यात्रियों की गर्दन पर रखा और पूछा कि जो भी महंगा सामान वे अपने साथ ले जा रहे हैं उसे सौंप दें. उन्होंने कई पैसेंजरों सेपर्स, नकदी, बैग, सोने की चेन, मोबाइल और कई अन्य सामान लूट लिए. यह घटना 10 से 15 मिनट के भीतर हो गई.
यात्री ने आरोप लगाया कि वारदात के समय न तो स्टाफ और न ही सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद थे. हमने हिम्मत कर ट्रेन अटेंडेंट और टीटी तक पहुंचने की कोशिश की.
अटेंडेंट अपन जगह पर मौजूद नहीं था और वह ट्रेन में कहीं और सो रहा था. हमने टीटी को खोजने की कोशिश की, लेकिन टीटी नहीं मिला. करीब 20 मिनट बाद हम अटेंडेंट को ढूंढ सके.
पीड़ित यात्री के मुताबिक, मैंने 100 नंबर डायल कर पुलिस को मामले की सूचना दी. दिल्ली पुलिस जब पहुंची तब तक ट्रेन स्टेशन पर पहुंच चुकी थी. उन्होंने घटना की एफआईआर दर्ज की है.
यात्री की शिकायत है कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? हम इस ट्रेन के लिए रेलवे की गतिशील किराया नीति के चलते अतिरिक्त किराए का भुगतान करते हैं. और हमें बदले में क्या सुविधा मिल रही है.
यात्री की मानें तो अटेंडेंट ने हमें बताया कि ट्रेन में कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. क्या रेलवे ट्रेनों में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए किसका इंतजार कर रहा है. हम एसी कोचों में भी सुरक्षित नहीं हैं और स्लीपर क्लास और सामान्य कोच में सुरक्षा की उम्मीदकरते हैं.
यात्रियों का सवाल है कि रेलवे हमसे किस बात का महंगा किराया वसूल रहा है. ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हम फ्रिक्रमंद हैं.
वहीं, रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को शुरुआती तौर पर कुछ सुराग हाथ लगे हैं. जिनके आधार पर ट्रेन में लूट आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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